बेजोस और मा को पछाड़ने की तैयारी में मुकेश अंबानी, ऐसे हासिल करेंगे ये मुकाम
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एशिया के सबसे रईस शख्स मुकेश अंबानी का आज 62वां जन्मदिन है। बड़े सपने देख भारत में अपनी एक अनोखी पहचान बनाने वाले अंबानी के पास करीब 3.81 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। नेट वर्थ के मामले में अंबानी ने साल 2018 में अलीबाबा के चेयरमैन जैक मा को भी पछाड़ दिया था।
एक साल में इतनी बढ़ी इन दिग्गजों की संपत्ति
मार्च 2018 में जेफ बेजोस, मुकेश अंबानी और जैक मा की नेट वर्थ क्रमश: 7.77 लाख करोड़, 2.78 लाख करोड़ और 2.70 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं अप्रैल 2019 के आंकड़ों के अनुसार इन तीनों दिग्गजों की नेट वर्थ क्रमश: 10.62 लाख करोड़, 3.81 लाख करोड़ और 2.76 लाख करोड़ रुपये है। इसका मतलब मार्च 2018 से लेकर अप्रैल 2019 तक जेफ बेजोस की संपत्ति में 36.6 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं मुकेश अंबानी और जैक मा की संपत्ति में क्रमश: 37.5 और 2.5 फीसदी का इजाफा हुआ है।
मा के प्लान से ही उनको पीछे छोड़ेंगे अंबानी
मुकेश अंबानी अब जैक मा को पछाड़ने की तैयारी में है। अंबानी का प्लान है कि वो एक ऐसा अनोखा प्लेटफॉर्म तैयार करें जिसके माध्यम से ग्राहकों को 24 घंटों के भीतर ही डिलीवरी मिल सके और उससे संबंधित अपनी शिकायत को ऑफलाइन दर्ज कर सकें। ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के फाउंडर और चेयरमैन जैक मा का भी यही प्लान था। इसी प्लान से जैक मा की कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी थी।
बेजोस की राह पर चल रहे अंबानी
वहीं अगर दुनिया के सबसे अमीर शख्स जेफ बेजोस की बात करें, तो बेजोस अब तक 75 से भी ज्यादा कंपनियों में निवेश कर चुके हैं। पिछले दो साल से अंबानी ने भी 25 छोटी-बड़ी कंपनियों में निवेश किया है। महिंद्रा ग्रुप के प्रमुख आनंद महिंद्रा ने कहा था कि, 'जब ई-कॉमर्स बिजनेस के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस का बड़ा रिटेल डिविजन जियो के नेटवर्क से मिलेगा, तो वह अमेजन को भी कड़ी टक्कर देगा।'
जियो ने बढ़ाया रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में 10300 करोड़ रुपये से ज्यादा का शुद्ध लाभ अर्जित किया। कंपनी की आय बढ़ाने में रिटेल, मीडिया और डिजिटल बिजनेस का सबसे बड़ा हाथ रहा। कंपनी को अपने कोर बिजनेस ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल सेगमेंट में कमजोरी के बावजूद रिटेल और टेलिकॉम बिजनेस में शानदार रेवेन्यू का खासा फायदा मिला। कंपनी ने गुरुवार को एक बयान के माध्यम से यह जानकारी दी।
अंबानी को हुआ 10362 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
रिलायंस की पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आय 1.2 लाख करोड़ रुपये थी, जो इस बार बढ़कर 1.38 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं शुद्ध लाभ इस बार 10362 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त में शुद्ध लाभ 9438 करोड़ रुपये था। आरआईएल की आय में 9.79 फीसदी का इजाफा देखने को मिला।
जियो की आय में हुई अप्रत्याशित वृद्धि
इस दौरान रिलायंस जियो की आय 723 करोड़ रुपये से बढ़कर 2964 करोड़ रुपये हो गई है। इस तरह से इसकी आय में 65 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है। जियो का शुद्ध लाभ पिछले साल 510 करोड़ रुपये था, जो इस बार बढ़कर 840 करोड़ रुपये हो गया। जियो का एआरपीयू 126.2 रुपये था।
इंटरनेट डाटा नया ऑयल है - अंबानी
अनिल अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुख्य कारोबार तेल और गैस है। इससे रिलायंस को 60 अरब डॉलर यानी 4.16 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलता है। हालांकि, अंबानी का कहना है कि 'इंटरनेट डाटा नया ऑयल है।'
अंबानी ने किया था ये बड़ा एलान
हाल ही में अमेजन, अलीबाबा और फ्लिपकार्ट जैसी विश्वस्तरीय ई-कॉमर्स कंपनियों से टक्कर लेने के लिए मुकेश अंबानी ने नया एलान किया था। रिलांयस इंडस्ट्रीज ने इन ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से अपने उत्पादों को हटाना शुरू कर दिया है।
कंपनी ने उठाया ये बड़ा कदम
रिलायंस कई विदेशी ब्रांड्स को बेचता है। यह ब्रांड्स अमेजन और फ्लिपकार्ट के अलावा मिंत्रा, जबोंग व टाटा क्लिक पर भी बिकते हैं। अब कंपनी अपने उत्पादों को यहां से हटाने लगी है। रिलायंस रिटेल के पास कई इंटरनेशनल ब्रांड्स जैसे कि डीजल, केट स्पेड, स्टीव मॉडेन, बरबेरी, कानाली, एम्पोरियो अरमानी, फुर्ला, जिम्मी छू और मॉर्क्स एंड स्पेंसर शामिल हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं अंबानी
रिलायंस के पास फिलहाल अपना एक पोर्टल है, जिसके जरिए वो कपड़े व लाइफस्टाइल के उत्पाद बेचती है। रिलायंस ट्रेंड और रिलायंस ब्रांड्स से कहा गया है कि वो सभी उत्पादों को अन्य सभी वेबसाइट्स से हटाना शुरू कर दे। नए वेंचर के जरिए रिलायंस तीन करोड़ व्यापारियों को अपने साथ जोड़ेगी। हालांकि यह ऑनलाइन-ऑफलाइन वेंचर होगा, जिसके जरिए लोग किसी भी तरह से उत्पाद खरीद सकेंगे। दरअसल रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है।
इस संदर्भ में अंबानी ने कहा कि हम हाइब्रिड, ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन नए कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्रिएशन में अपनी ग्रोथ देखते हैं। रिलायंस लोगों की जिंदगी को आसान बनाने और लघु और मध्यम उद्योगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के एक्सेस के लिए काम कर रहा है।’
तीन साल में बनेगा सिरमौर
कंपनी के सूत्रों के अनुसार रिलायंस इस नई कंपनी के लांच होने के तीन साल बाद यानी 2022 तक ई-कॉमर्स मार्केट का लीडर बन जाएगी। ई-कॉमर्स वेंचर के जरिए रिलायंस मोबाइल फोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स, किराना, फल-सब्जी सहित अन्य खाने-पीने का सामान बेचेगी।
अंबानी को करना पड़ेगा इन चुनौतियों का सामना
जाहिर सी बात है कि अगर मुकेश अंबानी का सपना इतना बड़ा है, तो चुनौतियां भी बहुत होंगी। मुकेश अंबानी के लिए सबसे बड़ी चुनौती वेयरहाउस और वेंडर्स साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अंबानी को बड़े पैमाने पर वेयरहाउस खोलने होंगे ताकि सामानों की अच्छी संख्या में स्टोरेज हो सके। इतना ही नहीं, मुकेश अंबानी के लिए ग्राहकों तक समय पर सामान को पहुंचाना भी चुनौती हो सकती है। देशभर में रिलायंस के कारोबार का फैलाव होने के बावजूद प्रोडक्ट्स से जुड़े वेंडर्स जोड़ना भी अंबानी के लिए बड़ी चुनौती होगी।