1500 करोड़ की कंपनी, 26 साल का सीईओ और एक अजीब इस्तीफा
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हाउसिंग डॉट कॉम के 26 साल के सीईओ राहुल यादव ने इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे का राहुल ने जो कारण बताया है, वह किसी को भी चौंकाने के लिए काफी है।
हाउसिंग डॉट कॉम में दिसंबर 2014 में जापान की सॉफ्टबैंक की तरफ से 550 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसके बाद कंपनी की वैल्यू 1,500 करोड़ रुपए हो गई है।
एनडीटीवी प्रॉफिट में छपी खबर के मुताबिक, राहुल ने कंपनी को भेजे इस्तीफे में लिखा है कि हाउसिंग डॉट कॉम के बोर्ड के सदस्यों और निवेशकों में कोई भी बौद्धिक रूप से इतना सक्षम नहीं है कि उनके साथ कोई समझदारी भरी चर्चा की जा सके।
अपनी बात को कहते हुए राहुल ने लिखा है- 'मैं यह सिर्फ कह नहीं रहा हूं, बल्कि साबित भी कर सकता हूं। मेरी जिंदगी के सिर्फ 3 लाख घंटे बचे हैं और मैं इन्हें आप लोगों के साथ बर्बाद नहीं कर सकता हूं।'
राहुल यादव आईआईटी बॉम्बे से फोर्थ ईयर ड्रॉपआउट हैं, जिन्होंने हाउसिंग डॉट कॉम रियल एस्टेट स्टार्टअप को आईआईटी बॉम्बे के ही कुछ ग्रेजुएट्स के साथ मिलकर जून 2012 में शुरू किया था।
दिया सिर्फ 7 दिन का नोटिस
राहुल यादव ने कंपनी को सिर्फ 7 दिन को नोटिस दिया है और कहा है कि इसी समय में मैनेजमेंट ट्रांजिशन का काम समाप्त कर लिया जाए।
कंपनी को बोर्ड में राहुल यादव, सीओओ और को-फाउंडर अदवित्य शर्मा, सॉफ्टबैंक के निकेश अरोड़ा, हेलियन वेंचर पार्टनर्स के आशीष गुप्ता और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स के सुविर सुजान हैं। हालांकि, निकेश अरोड़ा भी बोर्ड से कुछ समय पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
आपको बता दें हाउसिंग डॉट कॉम में जापान की कंपनी सॉफ्टबैंक की करीब 30 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसके अन्य निवेशकों में फैल्कन एड, नेक्सस वेंचर पार्टनर्स और क्वालकॉम वेंचर्स हैं।
पहले भी रहे हैं विवादों में
यह पहली बार नहीं है जब राहुल यादव का नाम सामने आया है। इससे पहले भी कई बार राहुल विवादों में रह चुके हैं।
कुछ समय पहले ही राहुल यादव का नाम टाइम्स ग्रुप के साथ कानूनी लड़ाई को लेकर सामने आया था। आपको बता दें कि टाइम्स ग्रुप मैजिकब्रिक्स डॉट कॉम वेबसाइट चलाता है, जो हाउसिंग डॉट कॉम का प्रतिद्वंद्वी भी है।
मार्च 2015 में यादव ने सिकोइया (Sequoia) कैपिटल इंडिया के शैलेंद्र सिंह को एक ईमेल लिखा था, जिसमें शैलेंद्र पर अमानवीय और गलत काम करने का आरोप लगाया था।
आपको बता दें कि सिकोइया कैपिटल अमेरिका की कंपनी है, जिसमें कई भारतीय स्टार्टअप जैसे ओला और कार देखो में पैसे लगाए हुए हैं। हालांकि, इसने हाउसिंग डॉट कॉम में पैसे नहीं लगाए हैं।