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ई-कॉमर्स सेक्टर में ब्लैकमनी पर निगाह रखेगी ईडी और आरबीआई

Wed, 25 Apr 2018 08:35 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 25 Apr 2018 08:35 PM IST
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Government to make task force to regulate e-commerce sector, ED and RBI will monitor black money
ऑनलाइन शॉपिंग - फोटो : Market Land
ई-कॉमर्स सेक्टर में होने वाले किसी भी तरह के विदेशी पूंजी निवेश और फाइनेंशियल लेन-देन पर एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) और आरबीआई मिलकर नजर रखेंगे। सरकार ने तेजी से बढ़ते हुए ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए एक टास्कफोर्स बनाने का ऐलान किया है। यह टास्कफोर्स ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए नेशनल पॉलिसी का प्रारूप तैयार करेगी। 
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सोमवार को नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी का प्रारूप तैयार करने के लिए बने ‘थिंक टैंक की पहली बैठक हुई। इन बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने की। बैठक में शामिल पेटीएम के सीईओ विजयशेखर शर्मा ने बताया कि ई-कॉमर्स सेक्टर को रेगुलेट करने और इसमें होने वाली किसी भी वित्तीय गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार एक टास्कफोर्स बनाने जा रही है, जिसमें अन्य एजेंसियों के साथ एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट और आरबीआई भी शामिल होंगे। 
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गौरतलब है कि फ्यूचर ग्रुप, रिलायंस रिटेल और कई कंपनियों ने आरोप लगाए था कि ई-कॉमर्स कंपनियां फ्लिपकार्ट और अमेजन इंडिया अपने प्लैटफॉर्म्स पर गैरकानूनी तरीके से भारी डिस्काउंट दे रही हैं। साथ ही इन कंपनियों पर एफडीआई नियमों के उल्लंघन के भी आरोप लगे थे। 
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बैठक के बाद कॉमर्स सेक्रेटरी रीता तेवतिया ने बताया कि ई-कॉमर्स में टैक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनवेस्टमेंटस, टेक्नोलॉजी हस्तांतरण, डाटा प्रोटेक्शन, डाटा प्रवाह, सर्वर लोकेलाइजेशन, बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण और विदेशी पूंजी निवेश को लेकर चर्चा की गई। कॉमर्स सेक्रेटरी के मुताबिक टास्कफोर्स को बनाने में 5 माह का वक्त लगेगा, जिसके बाद थिंक टैंक को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी होगी। 

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स सेक्टर पर नेशनल पॉलिसी बनने से भारत वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में ई-कॉमर्स पर अपना स्टैंड साफ कर सकेगा। सूत्रों के मुताबिक देश में ई-कॉमर्स पॉलिसी न होने से भारत को डब्ल्यूटीओ में कई तकनीकी समस्याएं आ रही थीं। जिसके बाद तत्काल जरूरतों को देखते हुए नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी का प्रारूप तय करने के लिए थिक टैंक बनाया गया। 

नेशनल ई-कॉमर्स पॉलिसी के फ्रेमवर्क बनाने को लेकर हुई इस बैठक में लगभग 50 सरकारी और गैर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में भाग लेने के लिए ई-कॉमर्स के विभिन्न पहलुओं से संबंधित मंत्रालयों, विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों, ई-कॉमर्स कंपनियों, दूरसंचार तथा आईटी कंपनियों, भारतीय रिजर्व बैंक और स्वतंत्र विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया था। 


इंडिया ब्रांड इक्विटी फांउडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 तक ई-कॉमर्स का बाजार 200 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। जबकि भारत सरकार के इकोनॉमिक सर्वे 2018 में खुलासा किया था कि 2016-2017 में भारतीय ई-कॉमर्स बाजार 19.1 परसेंट ग्रोथ के साथ 33 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
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