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Flipkart का हुआ ई-बे, दोनों कंपनियों ने पूरा किया मर्जर प्रोसेस
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Tue, 01 Aug 2017 01:29 PM IST
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ई-कॉमर्स कंपनी
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ई-कॉमर्स सेक्टर में देश की बड़ी कंपनियों में शुमार फ्लिपकार्ट ने मंगलवार को ईबे.इन के मर्जर का प्रोसेस पूरा करने की घोषणा कर दी। इसी के साथ ईबे.इन अब फ्लिपकार्ट समूह की कंपनी कहलाएगी।
इस करार की घोषणा अप्रैल में की गयी थी जब फ्लिपकार्ट समूह ने टेक्नोलॉजी की बड़ी वैश्विक कंपनियों ईबे, टेनसेंट और माइक्रोसोफ्ट से 1.4 अरब डालर जुटाए थे। फ्लिपकार्ट में इक्विटी हिस्सेदारी के बदले में ईबे ने 50 करोड़ डॉलर का नकद निवेश किया और अपना ई बे डॉट इन कारोबार फ्लिपकार्ट को बेच दिया।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही छोटी प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्नैपडील ने कहा था कि वह संभावित विलय संबंधी सभी बातचीत बंद कर रही है। स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट का नाम तो नहीं लिया लेकिन इस बात की काफी चर्चा है कि दोनों ही पिछले पांच महीने से विलय पर बातचीत कर रही थी।
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फ्लिपकार्ट ने एक बयान में कहा, ‘‘तत्काल प्रभाव से ईबे.इन का स्वामित्व और परिचालन फ्लिपकार्ट के पास होगा। लेकिन ईबे.इन फ्लिपकार्ट के हिस्सा के तौर पर स्वतंत्र निकाय रहेगी। ’’
बयान में कहा गया है कि इस विलय के फलस्वरुप फ्लिपकार्ट के ग्राहकों को ई बे पर मौजूद विविध वैश्विक वस्तुओं तक पहुंच होगी और ई बे के ग्राहकों को अनोखे भारतीय वस्तुओं तक पहुंच मिलेगी।
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इस करार की घोषणा अप्रैल में की गयी थी जब फ्लिपकार्ट समूह ने टेक्नोलॉजी की बड़ी वैश्विक कंपनियों ईबे, टेनसेंट और माइक्रोसोफ्ट से 1.4 अरब डालर जुटाए थे। फ्लिपकार्ट में इक्विटी हिस्सेदारी के बदले में ईबे ने 50 करोड़ डॉलर का नकद निवेश किया और अपना ई बे डॉट इन कारोबार फ्लिपकार्ट को बेच दिया।
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यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही छोटी प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्नैपडील ने कहा था कि वह संभावित विलय संबंधी सभी बातचीत बंद कर रही है। स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट का नाम तो नहीं लिया लेकिन इस बात की काफी चर्चा है कि दोनों ही पिछले पांच महीने से विलय पर बातचीत कर रही थी।
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फ्लिपकार्ट ने एक बयान में कहा, ‘‘तत्काल प्रभाव से ईबे.इन का स्वामित्व और परिचालन फ्लिपकार्ट के पास होगा। लेकिन ईबे.इन फ्लिपकार्ट के हिस्सा के तौर पर स्वतंत्र निकाय रहेगी। ’’
बयान में कहा गया है कि इस विलय के फलस्वरुप फ्लिपकार्ट के ग्राहकों को ई बे पर मौजूद विविध वैश्विक वस्तुओं तक पहुंच होगी और ई बे के ग्राहकों को अनोखे भारतीय वस्तुओं तक पहुंच मिलेगी।