{"_id":"59784d634f1c1be11f8b4a9c","slug":"snapdeal-board-approves-flipkart-s-900-950-million-takeover-offer-says-report","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्लिपकार्ट का हो जाएगा स्नैपडील, बोर्ड ने दी नए ऑफर को अपनी मंजूरी","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
फ्लिपकार्ट का हो जाएगा स्नैपडील, बोर्ड ने दी नए ऑफर को अपनी मंजूरी
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:36 PM IST
विज्ञापन
ई-कॉमर्स कंपनी
ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील अब फ्लिपकार्ट का हो जाएगा। स्नैपडील के बोर्ड ने फ्लिपकार्ट के उस ऑफर को अपनी मंजूरी दे दी है, जिसके मुताबिक अब कंपनी ने नया वैल्युएशन ऑफर दिया था। अब कंपनी फ्लिपकार्ट के नए ऑफऱ 90-95 करोड़ यूएस डॉलर को मंजूर कर लिया है। रायटर्स के मुताबिक अब दोनों कंपनियों के मर्जर होने का रास्ता साफ हो गया है।
पहले ठुकराया था ऑफर
इससे पहले फ्लिपकार्ट को स्नैपडील ने झटका दे दिया है। स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट के उस ऑफर को ठुकराया दिया है, जिसमें उसे खरीदने के लिए फ्लिपकार्ट ने 5500 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।
स्नैपडील के बोर्ड को लगता था कि फ्लिपकार्ट उसका वैल्युएशन कम लगा रही है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोनों कंपनियों में बातचीत बिल्कुल बंद नहीं हुई थी। इस मर्जर को सॉफ्टबैंक ने स्नैपडील में निवेश करने वाली दूसरी बड़ी कंपनी नेक्सस वेंचर्स पार्टनर (एनवीपी) ने अपनी हरी झंडी दे दी है।
विज्ञापन
सॉफ्टबैंक ने कहा कि दोनों निवेशक कंपनियां इस बात पर राजी हो गई कि स्नैपडील को बेच दिया जाए। दोनों कंपनियां फ्लिपकार्ट के साथ इस हफ्ते के भीतर टर्म शीट पर अपने दस्तखत करेंगी, जिसके बाद इसके अधार पर स्नेपडील को अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी।
स्नैपडील के फाउंडर को मिलेंगे 2.5 करोड़ डॉलर
डील के मुताबिक स्नैपडील के प्रत्येक फाउंडर को 2.5 करोड़ डॉलर मिलेंगे, वहीं नेक्सस को 10 करोड़ और कालारी को 7-8 करोड़ डॉलर मिलने की संभावना है। स्नैपडील का फरवरी 2016 में जो मूल्यांकन किया गया था, उसके मुताबिक कंपनी की कुल वैल्यूएशन 650 करोड़ डॉलर आंकी गई थी। अब इसकी वैल्यूएशन करीब 100 करोड़ डॉलर है।
इससे पहले सॉफ्टबैंक ने कहा था कि पिछले वित्त वर्ष में उसे स्नैपडील के निवेश में 100 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था। अभी सॉफ्टबैंक के पास कंपनी में 30 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं नेक्सस 10 फीसदी और कालारी के पास 8 फिसदी हिस्सेदारी है।
विज्ञापन
पहले ठुकराया था ऑफर
इससे पहले फ्लिपकार्ट को स्नैपडील ने झटका दे दिया है। स्नैपडील ने फ्लिपकार्ट के उस ऑफर को ठुकराया दिया है, जिसमें उसे खरीदने के लिए फ्लिपकार्ट ने 5500 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।
विज्ञापन
स्नैपडील के बोर्ड को लगता था कि फ्लिपकार्ट उसका वैल्युएशन कम लगा रही है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक दोनों कंपनियों में बातचीत बिल्कुल बंद नहीं हुई थी। इस मर्जर को सॉफ्टबैंक ने स्नैपडील में निवेश करने वाली दूसरी बड़ी कंपनी नेक्सस वेंचर्स पार्टनर (एनवीपी) ने अपनी हरी झंडी दे दी है।
विज्ञापन
सॉफ्टबैंक ने कहा कि दोनों निवेशक कंपनियां इस बात पर राजी हो गई कि स्नैपडील को बेच दिया जाए। दोनों कंपनियां फ्लिपकार्ट के साथ इस हफ्ते के भीतर टर्म शीट पर अपने दस्तखत करेंगी, जिसके बाद इसके अधार पर स्नेपडील को अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी।
स्नैपडील के फाउंडर को मिलेंगे 2.5 करोड़ डॉलर
डील के मुताबिक स्नैपडील के प्रत्येक फाउंडर को 2.5 करोड़ डॉलर मिलेंगे, वहीं नेक्सस को 10 करोड़ और कालारी को 7-8 करोड़ डॉलर मिलने की संभावना है। स्नैपडील का फरवरी 2016 में जो मूल्यांकन किया गया था, उसके मुताबिक कंपनी की कुल वैल्यूएशन 650 करोड़ डॉलर आंकी गई थी। अब इसकी वैल्यूएशन करीब 100 करोड़ डॉलर है।
इससे पहले सॉफ्टबैंक ने कहा था कि पिछले वित्त वर्ष में उसे स्नैपडील के निवेश में 100 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था। अभी सॉफ्टबैंक के पास कंपनी में 30 फीसदी की हिस्सेदारी है। वहीं नेक्सस 10 फीसदी और कालारी के पास 8 फिसदी हिस्सेदारी है।