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प्याज के दाम कम होने से मिली जनता को राहत, 'आंसू' निकाल रहीं हरी सब्जियां
Thu, 02 Jan 2020 03:43 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 02 Jan 2020 03:43 PM IST
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onion
- फोटो : अमर उजाला
कड़ाके की सर्दी में भी हरी सब्जियों के दाम रसोई के बजट पर भारी पड़ रहे हैं। सिकंदरा मंडी में सब्जियों की आवक कम होने के कारण फुटकर में इनके दामों में इजाफा हो गया है। वहीं अहमद नगर, नासिक और इंदौर व राजस्थान से प्याज की आवक बढ़ने के कारण प्याज के दाम मंडी में 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
प्याज नासिक, अहमदनगर, इंदौर व राजस्थान से आने लगी है। इससे बाजार में प्याज के दाम 40 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। हरी सब्जियों की फसलों को गलन भरी सर्दी से नुकसान पहुंचा है। इस कारण इनकी आवक कम बनी हुई है। -सतेंद्रपाल सिंह, अध्यक्ष, सिकंदरा सब्जी मंडी
सर्दियों में हरी सब्जियों की उपलब्धता प्रचुरता में हुआ करती थी, लेकिन इस दफा सर्दी के कारण हरी सब्जियों की फसल भी अच्छी नहीं हुई है। बाहर से भी सब्जियां कम आ रही हैं। इसका असर मंडियों में सब्जी के दामों पर दिखाई दे रहा है। -पवन कुमार, बल्केश्वर
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प्याज नासिक, अहमदनगर, इंदौर व राजस्थान से आने लगी है। इससे बाजार में प्याज के दाम 40 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। हरी सब्जियों की फसलों को गलन भरी सर्दी से नुकसान पहुंचा है। इस कारण इनकी आवक कम बनी हुई है। -सतेंद्रपाल सिंह, अध्यक्ष, सिकंदरा सब्जी मंडी
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सर्दियों में हरी सब्जियों की उपलब्धता प्रचुरता में हुआ करती थी, लेकिन इस दफा सर्दी के कारण हरी सब्जियों की फसल भी अच्छी नहीं हुई है। बाहर से भी सब्जियां कम आ रही हैं। इसका असर मंडियों में सब्जी के दामों पर दिखाई दे रहा है। -पवन कुमार, बल्केश्वर
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बोदला, बल्केश्वर समेत किसी भी मंडी में मौसमी सब्जियां सस्ती नहीं है। टमाटर के दाम फिर से पांच रुपये तक बढ़ गए हैं। सर्दियों में नया आलू आने से राहत मिली है। इसके बाद भी सब्जियों के फुटकर रेट लगभग एक समान ही हैं। - दीपक गुप्ता, बेलनगंज
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दालें महंगी होने का सिलसिला जारी रहा तो खाद्य तेलों के दाम भी उछले। पाम ऑयल, सरसों का तेल, सोयाबीन रिफाइंड, केनोला, राइस ब्रान ऑयल के दामों में इजाफा हुआ है। दिवाली के बाद से इनमें तेजी आ रही है, जो अभी तक जारी है।
सोयाबीन रिफाइंड के दाम 78 से 80 रुपये लिटर की जगह अब 98 से 105 रुपये के बीच पहुंच गए हैं। यही हाल सरसों तेल का है। सरसों तेल 102 रुपये लीटर पर है। दाल विक्रेता कृष्ण गोपाल ने बताया कि अरहर के साथ उड़द, मूंग और मसूर दाल के दामों में तेजी आई है। सप्ताह भर में दालों के दाम पांच से आठ रुपये किलो तक बढ़े हैं।
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दालें महंगी होने का सिलसिला जारी रहा तो खाद्य तेलों के दाम भी उछले। पाम ऑयल, सरसों का तेल, सोयाबीन रिफाइंड, केनोला, राइस ब्रान ऑयल के दामों में इजाफा हुआ है। दिवाली के बाद से इनमें तेजी आ रही है, जो अभी तक जारी है।
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