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टाटा मोटर्स से बाहर हुए वाडिया, किया मानहानि का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Sat, 24 Dec 2016 03:53 AM IST
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टाटा मोटर्स के शेयरधारकों ने भी स्वतंत्र निदेशक नुस्ली वाडिया को निदेशक मंडल (बोर्ड) से हटाने के पक्ष में मतदान किया। कंपनी के शेयरधारकों की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बृहस्पतिवार को हुई। कंपनी द्वारा शेयर बाजारों को दी गई एक नियामकीय सूचना में कहा गया है कि ईजीएम में वाडिया को बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव पर जितने भी मत डाले गए, उसमें से 71.20 फीसदी मत प्रस्ताव के पक्ष में पड़े।
यह प्रस्ताव टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की ओर से लाया गया था। सूचना के मुताबिक कंपनी के कुल 293.60 करोड़ शेयरधारकों में से 69.93 फीसदी ने मतदान में हिस्सा लिया। मतदान में हिस्सा लेने वालों में से 70.20 फीसदी ने वाडिया को बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 28.80 फीसदी ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
टाटा संस ने टाटा मोटर्स, टाटा स्टील एवं टाटा केमिकल्स समेत टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों में स्वतंत्र निदेशक वाडिया पर अपने हित साधने का आरोप लगाते हुए उन्हें निदेशक मंडल से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर उन कंपनियों के शेयरधारकों को मतदान करना है। बुधवार वाडिया को टाटा स्टील के बोर्ड से भी स्वतंत्र निदेशक के रूप में हटा दिया गया था। वाडिया ने टाटा स्टील के ईजीएम में हिस्सा नहीं लिया था।
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रतन, टाटा संस पर किया मानहानि का मुकदमा
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के चेयरमैन नुस्ली वाडिया ने टाटा संस, इसके अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा और कुछ निदेशकों पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा किया है। यह मुकदमा उन्होंने टाटा समूह की कंपनियों से उन्हें हटाने के लिए लाए गए विशेष प्रस्ताव में कथित ‘अपमानजनक और आपत्तिजनक’ सामग्री के लिए किया है। मुकदमा यहां अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल किया गया। इसमें आरोपी बनाए गए अन्य लोगों में शामिल हैं टाटा संस के निदेशक अजय जी पीरामल, अमित रणबीर चंद्रा, इशत हुसैन, नितिन नोहरिया, विजय सिंह, वेणु श्रीनिवासन, राल्फ स्पेथ, एन चंद्रशेखरण और रणेंद्र सेन तथा कंपनी सेक्रेटरी व सीईओ एफएन सुबेदार।
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यह प्रस्ताव टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की ओर से लाया गया था। सूचना के मुताबिक कंपनी के कुल 293.60 करोड़ शेयरधारकों में से 69.93 फीसदी ने मतदान में हिस्सा लिया। मतदान में हिस्सा लेने वालों में से 70.20 फीसदी ने वाडिया को बोर्ड से हटाने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 28.80 फीसदी ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
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टाटा संस ने टाटा मोटर्स, टाटा स्टील एवं टाटा केमिकल्स समेत टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों में स्वतंत्र निदेशक वाडिया पर अपने हित साधने का आरोप लगाते हुए उन्हें निदेशक मंडल से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर उन कंपनियों के शेयरधारकों को मतदान करना है। बुधवार वाडिया को टाटा स्टील के बोर्ड से भी स्वतंत्र निदेशक के रूप में हटा दिया गया था। वाडिया ने टाटा स्टील के ईजीएम में हिस्सा नहीं लिया था।
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रतन, टाटा संस पर किया मानहानि का मुकदमा
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के चेयरमैन नुस्ली वाडिया ने टाटा संस, इसके अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा और कुछ निदेशकों पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा किया है। यह मुकदमा उन्होंने टाटा समूह की कंपनियों से उन्हें हटाने के लिए लाए गए विशेष प्रस्ताव में कथित ‘अपमानजनक और आपत्तिजनक’ सामग्री के लिए किया है। मुकदमा यहां अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल किया गया। इसमें आरोपी बनाए गए अन्य लोगों में शामिल हैं टाटा संस के निदेशक अजय जी पीरामल, अमित रणबीर चंद्रा, इशत हुसैन, नितिन नोहरिया, विजय सिंह, वेणु श्रीनिवासन, राल्फ स्पेथ, एन चंद्रशेखरण और रणेंद्र सेन तथा कंपनी सेक्रेटरी व सीईओ एफएन सुबेदार।