फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नोटबंदी के दौरान घटी साबुन, नूडल्स की मांग, चाय पर नहीं पड़ा असर

Fri, 27 Jan 2017 01:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Jan 2017 01:50 PM IST
विज्ञापन
noodles, soaps demands saw lowest dip in demand during demonetisation
as
नोटबंदी के बाद फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) सेक्टर पर सबसे बड़ा नकरात्मक असर पड़ा था। शहरी क्षेत्रों पर इसका जहां दोगुना असर पड़ा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह काफी कम रहा है। 


बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान टूथपेस्ट, साबुन और नूडल्स की बिक्री में काफी कमी देखी गई वहीं चाय की बिक्री पर सबसे कम असर पड़ेगा।  

नूडल्स की बिक्री में देखी गई 33 फीसदी की कमी

noodles, soaps demands saw lowest dip in demand during demonetisation
नोटबंदी के दो माह के समय में सबसे बुरा असर नूडल्स की बिक्री पर देखने को मिला। इस दौरान पूरे देश में इसकी मांग में 33.23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

इसके अलावा साबुन और टूथपेस्ट की मांग में 16.17 व 18.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा केवल शहरी क्षेत्रों का है और ग्रामीण इलाकों का आंकड़ा अभी आना बाकी है। 

बजट से है एफएमसीजी सेक्टर को काफी उम्मीदें

noodles, soaps demands saw lowest dip in demand during demonetisation
- फोटो : अमर उजाला

नोटबंदी के बाद कम बिक्री से घबराए एफएमसीजी सेक्टर को उम्मीद है कि बजट में वित्त मंत्री इस सेक्टर के लिए कुछ अच्छा करेंगे। गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट के एमडी विवेक गंभीर ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार लोगों के हाथों में ज्यादा से ज्यादा पैसा पहुंचाएगी, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं की डिमांड में इजाफा हो। 

विज्ञापन
विज्ञापन

शहरी क्षेत्रों में डिमांड कम होना चिंता का विषय

noodles, soaps demands saw lowest dip in demand during demonetisation
shop shimla

बाजार के जानकारों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता वस्तुओं की डिमांड घटना काफी चिंता का विषय है। ऐसा इसलिए क्योंकि शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग कैशलेस ट्रांजेक्शन आसानी से कर सकते थे। 

इन कंपनियों की डिमांड मे देखी गई सबसे ज्यादा कमी

एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नोटबंदी का सबसे नकरात्मक असर हिंदुस्तान यूनिलीवर और ज्योति लैबोरेटरी पर देखा गया। इन दोनों कंपनियों के प्रॉडक्ट्स इस दौरान सबसे कम बिके। इस दौरान कंपनियों के तीसरी तिमाही की सेल्स सबसे कम भी दर्ज की गई। प्रॉक्टर एंड गैम्बल  की सेल्स में तीसरी तिमाही में सबसे ज्यादा कमी देखी गई।  

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed