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Dollar Vs Rupee: अमेरिकी विनिमय दरों की वृद्धि में कमी से आएगी रुपये में स्थिरिता, बोले नोबल विजेता

Sun, 27 Nov 2022 03:18 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Sun, 27 Nov 2022 03:18 PM IST
सार

नोबल विजेता ने कहा, विनिमय दरों का अनुमान लगाना कठिन है। जब अमेरिका दरों में अप्रत्याशित तरीके से वृद्धि करता है, तो डॉलर में मजबूती आती है। जब अमेरिका में दरों में वृद्धि की गति घटेगी, तब रुपये में स्थिरता आएगी।

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Nobel winner Douglas W Diamond says rupee should stabilise once the US reduces the speed of its rate increase
रुपया बनाम डॉलर - फोटो : pixabay

विस्तार

नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री डगलस डब्ल्यू डायमंड ने कहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिरता विनिमय दरों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा, रुपये में लगातार आ रही गिरावट तब स्थिर होगी, जब अमेरिकी डॉलर की विनिमय दरों की वृद्धि की रफ्तार में कमी आएगी।

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न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, जब अमेरिका विनिमय दरों को अप्रत्याशित रूप से बढ़ाता है तब डॉलर मजबूत होता है। उन्होंने कहा, अमेरिका और भारत में जब ब्याज दर लगभग एक समान स्तर पर आएंगी, तो चीजें सामान्य होने लगेंगी।
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बता दें, शिकॉगो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर डगलस डब्ल्यू डायमंड को अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन बेन बेर्नान्के और अमेरिकी अर्थशास्त्री फिलिप एच डिबविग के साथ संयुक्त रूप से नोबेल पुरस्कार मिला है।
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नोबल विजेता ने कहा, विनिमय दरों का सटीक अनुमान लगाना कठिन है। जब अमेरिका दरों में अप्रत्याशित तरीके से वृद्धि करता है, तो डॉलर में मजबूती आती है। जब अमेरिका में दरों में वृद्धि की गति घटेगी, तब रुपये में स्थिरता आएगी। बता दें, शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे चढ़कर 81.54 पर प्रति डॉलर पर था।


डायमंड ने कहा कि जब बैंकों के पास पूंजी होती है तो निगरानी प्रणाली तब बेहतर तरीके से काम करती है। उन्होंने कहा, जमाकर्ताओं को अच्छा रिटर्न मिले इसके लिए बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा जरूरी है। बता दें, नोबेल पुरस्कार विजेता डायमंड ने आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम जी राजन के साथ 2001 में ‘थ्योरी ऑफ बैंकिंग’ पर काम किया था।

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