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काम की बात: नितिन गडकरी ने कहा- एमएसएमई के लिए रेटिंग सिस्टम जरूरी, आसानी से मिलेगा कर्ज
Wed, 30 Jun 2021 08:37 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 30 Jun 2021 08:37 AM IST
सार
- केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की सालाना टर्नओवर और जीएसटी रिकॉर्ड के आधार पर रेटिंग की जानी चाहिए। इससे निगरानी का पारदर्शी और आसान तंत्र विकसित होगा और बैंकों से कर्ज मिलने में भी सुविधा होगी।
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Nitin Gadkari
- फोटो : PTI
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विस्तार
छोटे-मझोले उद्यमों के सेहत की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने और बैंकों से आसान कर्ज दिलाने के लिए उनकी रेटिंग की जाएगी। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को क्षेत्र की प्रभावी निगरानी के लिए रेटिंग सिस्टम की जरूरत बताई है।
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केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की सालाना टर्नओवर और जीएसटी रिकॉर्ड के आधार पर रेटिंग की जानी चाहिए। इससे निगरानी का पारदर्शी और आसान तंत्र विकसित होगा और बैंकों से कर्ज मिलने में भी सुविधा होगी।
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दुनिया अभी निवेश के लिए भारत की तरफ देख रही है और प्रभावी रेटिंग सिस्टम से एमएसएमई को इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने सरकार की योजनाओं का उद्यमों को जल्द लाभ दिलाने के लिए सिडबी को निर्देश दिया।
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कहा, फैसला होने के तीन महीने के भीतर इसका लाभ मिल जाना चाहिए। गडकरी ने एक बार फिर दोहराया कि भारत की जीडीपी में एमएसएमई की हिस्सेदारी 30 फीसदी है और यह 11 करोड़ लोगों को रोजगार देती है, जो कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है। लिहाजा इस क्षेत्र की वृद्धि के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना बेहद जरूरी है।