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मोदी सरकार का राहत पैकेज भी न संभाल पाया बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
Mon, 18 May 2020 04:00 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Mon, 18 May 2020 04:00 PM IST
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- फोटो : Social Media
मोदी सरकार की तरफ से दिए गए राहत पैकेज का सोमवार को बाजार पर कोई असर देखने को नहीं मिला। सप्ताह में कारोबार के पहले दिन ही सेंसेक्स 1,068.75 अंक की गिरावट के साथ 30,028.98 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 313.60 अंक की गिरावट देखी गई। सोमवार को निफ्टी गिरकर 8,823.25 पर बंद हुआ।
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दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से राहत पैकेज के आखिरी एलान के बाद सबकी निगाहें कारोबार के पहले दिन पर टिकी हुई थी। ऐसे में सोमवार सुबह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बढ़त के साथ खुले। सेंसेक्स 150.53 अंक ऊपर खुला तो वहीं, निफ्टी 21.45 प्वाइंट ऊपर खुला। हालांकि, बाजार के खुलने के आधा घंटे में ही यह बढ़त, गिरावट में बदल गई। इसके बाद दिनभर ही इनमें गिरावट का ट्रेंड जारी रहा।
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बता दें कि शुक्रवार को भी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। कारोबार के आखिरी दिन सेंसेक्स 25.16 अंक गिरकर 31,097.73 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 5.90 प्वाइंट गिरकर 9,136.85 पर बंद हुआ था। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 31,248.26 का उच्च स्तर और 29,968.45 का निचला स्तर छुआ। निफ्टी पर आईटी और फार्मा कंपनियों को छोड़कर सभी सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान बैंक और ऑटो शेयरों में भी दिनभर गिरावट दर्ज की गई।
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सेंसेक्स पैक में इंडसइंड बैंक में सबसे ज्यादा 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, एचडीएफसी, मारुति सुजुकी, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट भी गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि दूसरी ओर, टीसीएस, इंफोसिस, आईटीसी और एचसीएल टेक बढ़त के साथ बंद हुए।
केंद्र सरकार ने प्रोत्साहन पैकेज के अपने पहले चार चरणों में, बैंकों और वित्तीय संस्थानों की तरफ से बहुत कम अतिरिक्त बजट खर्च के साथ छोटे व्यवसायों और नई संस्थाओं के लिए क्रेडिट लाइन पर ध्यान केंद्रित किया।
वहीं आखिरी चरण में, रविवार को केंद्र ने गैर-सामरिक क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की योजना की घोषणा की और एक साल के लिए लोन डिफॉल्ट-ट्रिगर दिवालियापन को निलंबित कर दिया। केंद्र ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए आवंटन में 40,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी भी की ताकि, प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिल सके।
33 पैसे कमजोर हुआ रुपया
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सोमवार को रुपया 33 पैसे कमजोर हो गया। कारोबार के पहले दिन की समाप्ति पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये टूटकर 75.91 रुपये पर बंद हुआ। दरअसल भारतीय शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी कोष के लगातार बाहर जाने से रुपया 33 पैसे कमजोर हो गया। बता दें कि रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 75.58 पर बंद हुआ था।