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जल संकट : आईटी कंपनियों की कर्मचारियों से गुहार- पानी नहीं पिला सकते घर से ही काम करें
Tue, 18 Jun 2019 06:11 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 18 Jun 2019 06:11 AM IST
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पानी की समस्या
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तमिलनाडु के कॉर्पोरेट जगत में भी जल संकट का असर दिखने लगा है। इस बीच, पानी की किल्लत से निपटने के लिए आईटी कंपनियों ने अनोखा तरीका खोज निकाला है। कई कंपनियों ने अपने कर्मियों से घर से ही काम करने को कहा है ताकि दफ्तर में पानी की खपत को कम किया जा सके। कंपनियों में केवल उन कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया जा रहा है जिनके बिना काम किसी हालत में नहीं हो सकता।
इससे पहले कंपनियों ने पानी की किल्लत से निपटने के लिए टैंकरों और अन्य स्रोतों का सहारा लिया था लेकिन कर्मियों की प्यास से बड़ी हो चुकी पानी की किल्लत के आगे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। तमिलनाडु के आईटी कॉरीडोर के नाम से मशहूर पुराने महाबलीपुरम और सिरुसेरी आईटी पार्क की तमाम कंपिनयों ने हालांकि इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं दिया है लेकिन मौखिक रूप से कर्मियों से घर से काम करने को कहा है।
दस में आठ बाथरूम में ताला डाला
सिंगापेरुमल इलाके की कुछ आईटी कंपनियों ने तो बाथरूम में ताला लगाना शुरू कर दिया है। अगर किसी कंपनी के दफ्तर में एक तल पर 10 बाथरूम हैं तो उनमें से आठ को बंद कर दिया गया है केवल दो ही चालू रखे हैं।
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इससे पहले कंपनियों ने पानी की किल्लत से निपटने के लिए टैंकरों और अन्य स्रोतों का सहारा लिया था लेकिन कर्मियों की प्यास से बड़ी हो चुकी पानी की किल्लत के आगे उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। तमिलनाडु के आईटी कॉरीडोर के नाम से मशहूर पुराने महाबलीपुरम और सिरुसेरी आईटी पार्क की तमाम कंपिनयों ने हालांकि इसके लिए कोई लिखित आदेश नहीं दिया है लेकिन मौखिक रूप से कर्मियों से घर से काम करने को कहा है।
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दस में आठ बाथरूम में ताला डाला
सिंगापेरुमल इलाके की कुछ आईटी कंपनियों ने तो बाथरूम में ताला लगाना शुरू कर दिया है। अगर किसी कंपनी के दफ्तर में एक तल पर 10 बाथरूम हैं तो उनमें से आठ को बंद कर दिया गया है केवल दो ही चालू रखे हैं।
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2018 के हल्के मानसून की मार
तमिलनाडु पर यह संकट 2018 के कमजोर मानसून के चलते आया है। इसके चलते इस कारण यहां भूजल स्तर नीचे चला गया है। पहले कंपनियां टैंकर पर निर्भर थीं लेकिन इनसे भी अब मुसीबत हल नहीं हो रही है।
घर से काम तो कराते रहते हैं
आईटी कंपनियों में घर से काम कराने का चलन पुराना है, यह नई बात नहीं है। जहां तक पानी की सप्लाई की बात है तो अगर कंपनियां चाहें तो राज्य सरकार उन्हें निजी आपूर्तिकर्ताओं से पानी के टैंकर उपलब्ध करा सकती है। -एसपी वेलुमानी, महापालिका एवं शहरी विकास मंत्री, तमिलनाडु
रेस्टोरेंट पत्तल इस्तेमाल करने को कहा
पानी बचाने की मुहिम के तहत राज्य सरकार ने छोटे और मध्यम रेस्टोरेंट और होटल स्वामियों से अपने यहां प्लेटों की जगह पत्तलों का इस्तेमाल करने को कहा है। इससे बर्तन धोने का पानी बचाया जा सकेगा। हालांकि वेलुमानी ने होटल और रेस्टोरेंट के बंद किए जाने की रिपोर्ट को नकार दिया।
घर से काम तो कराते रहते हैं
आईटी कंपनियों में घर से काम कराने का चलन पुराना है, यह नई बात नहीं है। जहां तक पानी की सप्लाई की बात है तो अगर कंपनियां चाहें तो राज्य सरकार उन्हें निजी आपूर्तिकर्ताओं से पानी के टैंकर उपलब्ध करा सकती है। -एसपी वेलुमानी, महापालिका एवं शहरी विकास मंत्री, तमिलनाडु
रेस्टोरेंट पत्तल इस्तेमाल करने को कहा
पानी बचाने की मुहिम के तहत राज्य सरकार ने छोटे और मध्यम रेस्टोरेंट और होटल स्वामियों से अपने यहां प्लेटों की जगह पत्तलों का इस्तेमाल करने को कहा है। इससे बर्तन धोने का पानी बचाया जा सकेगा। हालांकि वेलुमानी ने होटल और रेस्टोरेंट के बंद किए जाने की रिपोर्ट को नकार दिया।