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इंफोसिस ने रोका पूर्व CFO राजीव बंसल का 12 करोड़ रुपये का बकाया

Thu, 20 Apr 2017 11:41 AM IST
amarujala.com- Presented By: मुकेश झा
amarujala.com- Presented By: मुकेश झा Updated Thu, 20 Apr 2017 11:41 AM IST
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Infosys stops Rs.12 crores owing to its former CFO Rajiv Bansal
राजीव बंसल, पूर्व सीएफओ इंफोसिस - फोटो : eco

इंफोसिस के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर (सीएफओ) राजीव बंसल अपने बकाया वेतन के लड़ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बंसल जब 2015 में इन्फोसिस छोड़ रहे थे तो इंफोसिस ने उन्हें 17.38 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए राजी हो गए थे। लेकिन कंपनी ने बंसल को केवल 5 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया। 17.30 करोड़ रुपये का भुगतान लगभग 24 महीने के वेतन के बराबर है। जबकि 12 करोड़ का शेष भुगतान को रोक दिया था। उसके बाद इंफोसिस ने अपने बयानों में कहा कि बंसल के भुगतान को कुछ अधिकारों और दायित्वों की वजह से रोक दिया गया।

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इस संबंध में राजीव बंसल ने न्यायिक अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज आर वी रविन्द्रन को मध्यस्थ नियुक्त किया है। जबकि इस मामले में इंफोसिस के वकील निशीथ देसाई एसोसिएट्स हैं। हालांकि इंफोसिस के कई अधिकारेयों का मानना है कि आपत्तियों के बाद भुगतान को स्थगित कर दिया गया था। खासकर इंफोसिस के कुछ संस्थापकों ने कहा कि यह राशि अत्यधिक थी। वहीं इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने कहा कि ऐसे भुगतान को कुछ लोग "कूड़ा धन" के रूप में देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी खुलासे नहीं किए जाने पर बोर्ड की आलोचना भी की गई।
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टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस मामले में जस्टीस रवींद्रन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मध्यस्थता एक निजी मामला है। "मैं एक न्यायाधीश और निर्णायक की स्थिति में हूँ और एक लंबित मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता।"
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बहरहाल, इंफोसिस ने बंसल के वेतन को प्रभावित किया है। उसके बाद इंफोसिस ने एक नीति बनाई गई है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि इसके बाद इस तरह की चीजें दोबारा नहीं होगा। मध्यस्थता से पूछे जाने पर इन्फोसिस ने कहा कि बंसल के एक विस्तृत बयान के माध्यम से पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है "मेरे पास इससे आगे जोड़ने कि लिए कुछ खास नहीं है।" 

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