दिवाली से पहले फूटा 'महंगाई बम', आज से फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन समेत 19 विदेशी वस्तुएं महंगी
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आयातित एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर और वाशिंग मशीन अब महंगे हो जाएंगे। सरकार ने इन वस्तुओं के साथ-साथ 19 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है, ताकि बढ़ते चालू खाता घाटा (सीएडी) पर लगाम लगाया जा सके। ये शुल्क बुधवार मध्य रात से ही लागू होगा। सरकार ने कहा कि ये सब सामान गैर जरूरी हैं, इसलिए इनके आयात को हतोत्साहित करने के लिए शुल्क बढ़ाया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने आयात किए जाने वाले कुछ सामानों का आयात घटाने के लिए आधारभूत सीमा शुल्क में बढ़ोतरी के जरिए शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। इन बदलावों का मकसद चालू खाता घाटा को कम करना है। कुल मिलाकर 19 सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है।
अब आयात किए जाने वाले एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर तथा 10 किलो तक के वाशिंग मशीन पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ा कर 20 फीसदी कर दिया गया है। यही नहीं, एयर कंडीशनर तथा रेफ्रिजरेटर के कंप्रेशर पर भी आयात शुल्क 7.5 फीसदी से बढ़ा कर 10 फीसदी कर दिया गया है।
इन वस्तुओं के अलावा स्पीकर, जूते, रेडियल कार टायर, आभूषण सामग्रियां, कई तरह के हीरे, बाथरूम, रसोई और घरों में काम आने वाले कुछ साजो-सामान, प्लास्टिक के कुछ खास सामान तथा ऑफिस स्टेशनरी, ट्रंक तथा हवाई जहाज के इंधनों पर भी शुल्क बढ़ा है। इस दायरे में शामिल अन्य वस्तुओं में वाशिंग मशीन, स्पीकर्स, रेडियल कार टायर, आभूषण, रसोई के सामान, कुछ प्लास्टिक के सामान और सूटकेस शामिल हैं। बता दें कि एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन (जिनका भार 10 किलोग्राम से कम है) पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
गैर आवश्यक आयात को रोकना सरकार द्वारा घोषित किए गए पांच चरण वाले कदमों का हिस्सा था, जो मौजूदा खाता घाटे और पूंजी प्रवाह को बढ़ाने की जांच करता है।
The Central Government has taken tariff measures, by way of increase in the basic customs duty, to curb import of certain imported items. These changes aim at narrowing the current account deficit (CAD).In all the customs duty has been increased on these items: pic.twitter.com/JTAOlMTVsC
— ANI (@ANI) September 26, 2018
चालू खाता घाटा कम करना मकसद
गैर-आवश्यक सामानों का आयात घटाना उस पंच सूत्री कार्यक्रम का हिस्सा है, जो सरकार ने बढ़ते चालू खाता घाटा को कम करने और विदेशी पूंजी की हो रही निकासी को रोकने के लिए घोषित की है। चालू खाता घाटा देश में आ रही विदेशी पूंजी और देश से बाहर निकल रही विदेशी पूंजी के अंतर को कहते हैं। अप्रैल-जून तिमाही में देश का चालू खाता घाटा बढ़कर जीडीपी के 2.4 फीसदी पर पहुंच गया है।
86,000 करोड़ खर्च हुए इनके आयात पर गत साल
वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में इन वस्तुओं के शिपमेंट में 86 हजार करोड़ रुपये का आयात बिल बना था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह कदम अनावश्यक वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए उठाया है। इस निर्णय का लक्ष्य चालू खाता घाटे (सीएडी) को कम करना है। बता दें कि जिन सामानों के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, वित्त वर्ष 2017-18 में करीब 86 हजार करोड़ रुपये मूल्य के वे सामान विदेश से खरीदे गए थे।
Increased basic custom duty will be effective from today midnight.
The total value of imports of these items in the year 2017-18 was about Rs 86000 Crore. https://t.co/3UNrWhcNwQ
— ANI (@ANI) September 26, 2018
अमेरिका-चीन ट्रेड वार का दिख रहा असर !
कहा जा रहा है कि अमेरिका और चीन के ट्रेड वार को लेकर भारत में भी असर दिख रहा है। आज आधी रात से इन 19 सामानों के आयात पर बढ़े हुए दर से आयात शुल्क देना होगा। इससे गैर-जरूरी सामानों का आयात तो रुकेगा ही, डॉलर की खपत कम होगी। मेक इन इंडिया अभियान को भी इस फैसले से बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से चीन भी प्रभावित होगा क्योंकि वहां से भारी मात्रा में सामान भारत आता है।