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वाहन उद्योग को मिल सकती है राहत, 10 फीसदी जीएसटी घटाने के संकेत
Sat, 05 Sep 2020 06:38 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Sep 2020 06:38 AM IST
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कोविड-19 महामारी से प्रभावित वाहन उद्योग क्षेत्र को सरकार जल्द बड़ी राहत दे सकती है। भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संकेत दिए हैं कि वाहनों पर जीएसटी दरों में 10 फीसदी की बड़ी कटौती की जा सकती है। सियाम की सालाना बैठक में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई कबाड़ नीति भी लगभग तैयार हो चुकी है और जल्द इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
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सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की 60वीं सालाना बैठक में प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ जीएसटी मुद्दे पर बातचीत चल रही है। दरों को दोपहिया, तिपहिया, सार्वजनिक परिवहन वाहन और चार पहिया वाहन के लिए चरणबद्ध तरीके से घटाया जा सकता है।
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हमें उम्मीद है कि जल्द ही आप कुछ अच्छी खबर सुनेंगे। उन्होंने भरोसा दिया उद्योग क्षेत्र की मांग पर प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के साथ जीएसटी को लेकर चर्चा करेंगे। हालांकि, इसमें तत्काल कटौती संभव नहीं है लेकिन प्रक्रिया को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा सकता है।
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वित्तमंत्री ने पिछले दिनों कहा था कि दोपहिया वाहन न तो लग्जरी श्रेणी में आते हैं, न ही नुकसानदायक उत्पादों की। लिहाजा इन पर जीएसटी दरें घटाई जा सकती हैं। दोपहिया वाहनों पर अभी 28 फीसदी जीएसटी लगता है।
वैकल्पिक ईंधन के लिए फ्लेक्स इंजन बनाएं कंपनियां : गडकरी
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री ने ऑटो क्षेत्र की कंपनियों से कहा कि वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए फ्लेक्स इंजन वाली गाड़ियों का उत्पादन किया जाए। अमेरिका, ब्राजील और कनाडा में इस तरह के वाहन चलाए जा रहे हैं, तो भारत में उत्पादन क्यों नहीं किया जा सकता।
हम एथनॉल, मेथनॉल, बायोडीजल, इलेक्ट्रिक और बायो सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं और इनकी भागीदारी मौजूदा 20 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ करने की योजना है।
इस कदम से पेट्रोलियम पर सालाना होने वाले 7 लाख करोड़ की आयात निर्भरता को कम किया जा सकेगा। सरकार हरसंभव मदद को तैयार है, लेकिन उद्योग जगत को भी इसमें भागीदार बनना होगा।
और निवेश की स्थिति में ऑटो उद्योग : सियाम
सियाम ने कहा कि ऑटो उद्योग अभी बड़े संकट से गुजर रहा है। सरकार के नए मानक लागू करने के लिए और निवेश की स्थिति में नहीं है। सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि 2020-21 की पहली तिमाही में घरेलू वाहन बिक्री 75 फीसदी तक कम रही है, जिससे उद्योगों के पास पूंजी का अकाल पड़ गया है। ऐसे में ऑटोमोटिव मिशन योजना 2026 के लक्ष्यों को पाने के लिए अब सरकारी मदद की जरूरत होगी।
सबसे कठिन दौर में उद्योग : मारुति
मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक व सीईओ केनिची आयुकावा ने कहा कि ऑटो उद्योग इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है और जीएसटी में कटौती व कबाड़ नीति के रूप में तत्काल सरकार के मदद की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगस्त में उद्योग ने कुछ वृद्धि हासिल की है, लेकिन महामारी की वजह से हम कई साल पीछे चले गए हैं।
चीन से 50 फीसदी तक घटाएंगे आयात : महिंद्रा
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंधन निदेशक पवन गोयनका ने कहा कि अभी चीन से करीब 1 लाख करोड़ के ऑटो उपकरण आयात होते हैं। हमारी योजना 4-5 साल में इस आयात को 50 फीसदी तक घटाने की है। इसके लिए प्रतिस्पर्धा, लागत, तकनीकी और गुणवत्ता खामियों को दूर किया जाएगा।