{"_id":"606d13517343482684009de5","slug":"gold-slipped-by-record-level-to-11200-rupees-due-to-increase-in-dollar-and-vaccination","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉलर में तेजी व टीकाकरण से रिकॉर्ड स्तर से 11200 रुपये फिसला सोना ","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
डॉलर में तेजी व टीकाकरण से रिकॉर्ड स्तर से 11200 रुपये फिसला सोना
Wed, 07 Apr 2021 07:35 AM IST
Kuldeep Singh
कालीचरण, नई दिल्ली
कालीचरण, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 07 Apr 2021 07:35 AM IST
सार
- डॉलर में मजबूती व दुनियाभर में चल रहे टीकाकरण अभियान से भी सोने पर दबाव बढ़ा
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आकर्षण बढ़ा, जिससे सोना इस साल पहली तिमाही में 200 डॉलर लुढ़क गया
- यह 40 साल में सोने की सबसे खराब शुरुआत है
विज्ञापन
gold
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोने में गिरावट जारी है और पिछले सात महीने में यह रिकॉर्ड स्तर से 20 प्रतिशत यानी 11,200 रुपये नीचे आ गया है। सोना 7 अगस्त, 2020 को 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 6 अप्रैल, 2021 को गिरकर 45,000 पर आ गया।
विज्ञापन
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और डॉलर में पांच महीने की बड़ी मजबूती से कम हुआ सोने में आकर्षण
डॉलर में मजबूती व दुनियाभर में चल रहे टीकाकरण अभियान से भी सोने पर दबाव बढ़ा। आईआईएफएल सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (रिसर्च) अनुज गुप्ता का कहना है कि 2020 में डॉलर काफी नीचे आ गया था, जिससे सोने को समर्थन मिल रहा था। अब डॉलर मजबूत होकर 5 महीने के शीर्ष पर चल रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आकर्षण बढ़ा, जिससे सोना इस साल पहली तिमाही में 200 डॉलर लुढ़क गया। यह 40 साल में सोने की सबसे खराब शुरुआत है। अभी सोना 1,733 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा है।
विज्ञापन
केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया ने कहा, महामारी से उबरने के लिए दुनियाभर के देशों ने राहत पैकेज की घोषणा की है। इससे बाजार में पूंजी का प्रवाह बढ़ा व वैश्विक अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगी, जिससे निवेशकों ने ज्यादा मुनाफे वाले संसाधनों की ओर रुख करते हुए इक्विटी, क्रूड ऑयल और बेस मेटल जैसे रिस्की एसेट में निवेश शुरू कर दिया। इससे भी सोने में गिरावट रही।
मांग में गिरावट का भी असर
भारत और चीन सोने के बड़े खरीदार हैं। लेकिन, भारत में दिवाली एवं चीन में न्यू ईयर पर भी सोने की मांग में गिरावट रही। इससे आयात प्रभावित हुआ। विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़े बताते हैं कि भारत में 2020 में सोने की मांग 35 प्रतिशत घट गई, जिससे आयात 47 प्रतिशत घटकर 344.2 टन पर आ गया।
40,000 तक पहुंच सकता है दाम
कासगंज (यूपी) के जिला सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने कहा, सोने का भाव एमसीएक्स पर निर्भर करता है। लॉकडाउन में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने बंद होने से अगस्त, 2020 में सोना 56,000 पार हो गया था। उड़ानें शुरू होने पर इसमें 11,000 रुपये गिरावट आई है। उड़ानें सामान्य होने पर सोना 40,000 रुपये तक आ सकता है।
दिवाली तक 52,000 पहुंचेगा
अजय केडिया के मुताबिक, विभिन्न वजहों से सोना दिवाली तक फिर 52,000 पर पहुंच सकता है
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल में ब्याज दरें नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। इससे लंबी अवधि में सोने को समर्थन मिलेगा।
- मौजूदा तेजी को देखते हुए इक्विटी में निवेश बेहतर विकल्प नहीं है। रियल एस्टेट में जोखिम बना हुआ है। नवंबर-दिसंबर के बाद बिटक्वाइन में बड़ी गिरावट आई है।
- संक्रमण बढ़ने से लॉकडाउन की चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे रिस्की एसेट में निवेश प्रभावित होगा।
- अमेरिकी सरकार ने बाजार में जो पूंजी डाली है, वह 100 साल में सबसे ज्यादा है। ऐसी लिक्विडिटी पंपिंग से महंगाई बढ़ती है, जिससे सोने को समर्थन मिलने की उम्मीद है।