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फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने कहा: भारत से कारोबार समेटने की कोई योजना नहीं
Sat, 03 Apr 2021 01:15 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 03 Apr 2021 01:15 AM IST
सार
- फ्रैंकलिन टेम्पलटन एसेट मैनेजमेंट के अध्यक्ष ने निवेशकों को भेजे पत्र में कहा, यह खबरें हैं बेबुनियाद
- हम भारतीय बाजार को लेकर प्रतिबद्ध, भारतीय कारोबार से बाहर निकलने का कोई इरादा नहीं
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फ्रैंकलिन टेम्पलटन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने शुक्रवार को कहा कि उसका भारत से कारोबार समेटने की कोई योजना नहीं है। दरअसल, ऐसी खबरें चल रही थीं कि फ्रैंकलिन टेम्पलटन की अमेरिका स्थिति मूल कंपनी ने छह योजनाओं को बंद करने मामले में उचित सुनवाई का मौका नहीं देने पर भारत से बाहर निकलने की बात कही है।
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कंपनी ने कहा- हम भारतीय बाजार को लेकर प्रतिबद्ध, सरकारी अधिकारियों से बातचीत जारी
इस पर फ्रैंकलिन टेम्पलटन एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) के अध्यक्ष संजय सापरे ने निवेशकों को भेजे पत्र में कहा, यह खबरें बेबुनियाद हैं। हम भारतीय बाजार को लेकर प्रतिबद्ध हैं और भारतीय कारोबार से बाहर निकलने का कोई इरादा नहीं है।
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कंपनी की सरकारी अधिकारियों से बातचीत पर कहा कि भारत और दुनिया के अन्य देशों में हम सरकारों से बातचीत करते रहते हैं। कई अन्य कंपनियां भी ऐसा करती हैं। हम संबंधित सरकारों, विभागों को घटनाक्रमों से अवगत कराते हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे।
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बंद योजनाओं को मिले 15,776 करोड़
फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने कहा कि उसकी 6 बंद योजनाओं को 31 मार्च, 2021 तक परिपक्वता, पूर्व भुगतान और कूपन भुगतान से 15,776 करोड़ रुपये मिले हैं। इस साल 31 मार्च को समाप्त पखवाड़े में इन योजनाओं को 505 करोड़ रुपये मिले हैं।
फंड हाउस ने कहा कि फ्रैंकलिन इंडिया इनकम अपॉर्च्यूनिटीज फंड ने अपने सभी बकाया चुका दिया है। इस तरह अब सभी छह योजनाएं नकदी के हिसाब से सकारात्मक हो गई हैं। फंड हाउस ने 23 अप्रैल को योजनाओं को बंद कर दिया था।