फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   finance ministry takes u turn on selling old jwellery, car now says don't give gst

पुराने गहने, कार बेचने पर सरकार ने लिया यू-टर्न, अब कहा नहीं लगेगा जीएसटी

Fri, 14 Jul 2017 01:46 PM IST
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल Updated Fri, 14 Jul 2017 01:46 PM IST
विज्ञापन
finance ministry takes u turn on selling old jwellery, car now says don't give gst
जीएसटी लागू होने के बाद पुराने गहने और कार बेचने पर सरकार द्वारा पहले की गई घोषणा से यू-टर्न ले लिया है। पहले सरकार ने घोषणा की थी कि पुरानी ज्वैलरी बेचने पर जीएसटी लगेगा, लेकिन अब सरकार ने कहा है कि ऐसे लोग जिनके पास पहले से घर में गोल्ड या फिर ज्वैलरी रखी है, वो बिना जीएसटी के इसको बेच सकते हैं। 
विज्ञापन


पुरानी कार बेचने पर भी लागू होगा ये नियम
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यह नियम पुरानी कार बेचने पर भी लागू होगा। जीएसटी कानून का सेक्‍शन 9 कहता है कि जब भी कोई अनरजिस्‍टर्ड सप्‍लायर (इस मामले में आम आदमी) किसी रजिस्‍टर्ड व्‍यक्ति (इस मामले में ज्‍वैलर, कार डीलर) को ज्‍वैलरी या फिर कार बेचता है, तो आम आदमी को इसके लिए कोई टैक्‍स नहीं देना होगा। ऐसे ट्रांजेक्‍शन में आरसीएम के तहत टैक्‍स रजिस्‍टर्ड व्‍यक्ति के जरिए भरा जाएगा।
विज्ञापन


फिलहाल ज्वैलर्स नहीं रखते हैं पुरानी ज्वैलरी खरीदने का हिसाब-किताब
सरकार का मानना है कि असंगठित सेक्टर में काम कर रहे देश भर के 95 फीसदी से ज्यादा ज्वैलर्स फिलहाल पुरानी ज्वैलरी खरीदने का किसी तरह का कोई हिसाब-किताब नहीं रखते हैं और ना ही इसके बारे में किसी तरह की जानकारी देते नहीं है। अब जीएसटी लागू होने के बाद यह सारा सिस्टम खत्म हो जाएगा। 1 जुलाई से प्रत्येक ज्वैलर्स को इसके बारे में जानकारी देने की बात कही गई थी, जिससे लोगों में काफी रोष व्याप्त हो गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

finance ministry takes u turn on selling old jwellery, car now says don't give gst
अभी असंगठित ज्वैलर पुरानी ज्वैलरी की खरीद को अपने इन्वॉइस में नहीं दिखाते। नए सिस्टम में अब ये भी ऑन-रिकॉर्ड होगा। मौजूदा सिस्टम में ज्यादातर कारोबारी पुरानी ज्वैलरी को खरीद कर और उसमें वैल्यू एडिशन कर बेचते हैं। ऐसे में उन्हें केवल डिफरेंस प्राइस पर ही टैक्स देना होता है। सरकार ज्वैलरी खरीदने और बेचने वाले का रिकॉर्ड रखना चाहती है, इसलिए सरकार ने जीएसटी में यह नियम बनाए हैं।  
 
पुरानी ज्वैलरी को नया करके बेचने पर भी देना होगा टैक्स
अगर कोई ज्वैलर पुरानी ज्वैलरी को खरीदकर के उसमें किसी प्रकार का कोई वैल्यू एडीशन करता है या फिर गला कर के नया स्वरुप देता है तो भी उसके बारे में डिटेल सरकार को देनी होगी। 

पहले आया था यह नियम
इससे पहले सरकार ने जो नियम जारी किया था उसके अनुसार, अगर कस्टमर 50 हजार रुपये की पुरानी ज्वैलरी बेचकर 1 लाख रुपये की ज्वैलरी खरीदता है तो दोनों लोगों को टैक्स देना होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब ज्वैलर को 50 हजार रुपये पर रिवर्स चार्ज सरकार को देना होगा। 1 लाख रुपये की ज्वैलरी पर जीएसटी कस्टमर से लेगा। यानी, ज्वैलर को सरकार को दो बार टैक्स जमा कराना होता।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed