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50 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर पर 1 अप्रैल से ई-चालान जरूरी
Wed, 10 Mar 2021 06:59 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 10 Mar 2021 06:59 AM IST
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जीएसटी
- फोटो : फाइल फोटो
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सालाना 50 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए 1 अप्रैल से बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) लेनदेन पर ई-चालान देना जरूरी होगा। जीएसटी चोरी रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 1 अक्तूबर, 2020 को 500 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए बी2बी लेनदेन पर ई-चालान जरूरी किया था।
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जीएसटी चोरी रोकने के लिए सरकार ने तीसरी बार किया बदलाव
1 जनवरी, 2021 को इसे बदलकर 100 करोड़ टर्नओवर वाले कारोबारियों पर लागू कर दिया, जिसे एक बार फिर घटाकर 50 करोड़ किया गया है। ई-इनवॉइसिंग के तहत करदाता अपने चालान को पंजीकरण पोर्टल (आईआरपी) पर ऑनलाइन दाखिल करता है।
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आईआरपी चालान में दी गई सूचनाओं के सत्यापन के बाद डिजिटल हस्ताक्षर, विशेष चालान संख्या और क्यूआर कोड के साथ नया ई-चालान जारी करता है। ईवाई टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, इसका मकसद कर चोरी रोकने के साथ डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना है। हालांकि, इस दायरे में आने वाले कारोबारियों के पास नए नियम के अनुपालन के लिए समय काफी कम है।
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