फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Dragons deep economic infiltration: Chinese FPI increased more than four times in just three months

ड्रैगन की गहरी आर्थिक घुसपैठ : सिर्फ तीन माह में ही चार गुना से भी ज्यादा बढ़ा चीनी एफपीआई

Wed, 24 Jun 2020 05:47 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली।
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 24 Jun 2020 05:47 AM IST
विज्ञापन
सार
  • डिजिटल मीडिया, फार्मा, टेक्नोलॉजी, कृषि, ऊर्जा ऑटो जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ा निवेश
  • दिसंबर 2019 में था 774  करोड़ रुपये, इस साल मार्च  के आखिर में बढ़ गया 3,257 करोड़
  • इलेक्ट्रिक कार बाजार में भी घुसपैठ की तैयारी, जानिए भारत में चीनी निवेशकों के क्षेत्रवार निवेश की स्थिति
loader
Dragons deep economic infiltration: Chinese FPI increased more than four times in just three months
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय बाजार में कमाई की अपार संभावनाओं को देखते हुए पिछले कुछ वर्षों से चीन ने तेजी से निवेश बढ़ाया है। इलेक्ट्रॉनिक बाजार में तो चीनी घुसपैठ जगजाहिर है लेकिन मीडिया, फार्मा, टेक्नोलॉजी, कृषि, ऊर्जा, ऑटो जैसे क्षेत्रों में भी चीनी निवेशकों ने काफी पैसा लगा रखा है।



आलम यह है कि चीन से भारतीय इक्विटी में आया विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) महज तीन माह में चार गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। यह पिछले साल दिसंबर में 774 करोड़ रुपये था, जो इस साल मार्च  के आखिर में  3,257 करोड़ रुपये हो गया।

  • मीडिया: भारत में पिछले कुछ समय में डिजिटल मीडिया में बढ़ते अवसरों के कारण चीनी कंपनियों ने कई समाचार एप्लीकेशनों में काफी निवेश किया है। इनमें सबसे अग्रणी कंपनी बाइटडांस है, जिसके पास टिकटॉक एप का भी मालिकाना हक है। भारत में 17 भाषाओं में समाचार देने वाले समाचार प्लेटफॉर्म डेलीहंट में बाइटडांस ने 2.5 करोड़ डॉलर का निवेश कर रखा है। वहीं, अलीबाबा के यूसी ब्राउजर का भी भारत में काफी इस्तेमाल होता है।
  • फार्मा: भारतीय फार्मा की निर्भरता चीनियों पर बहुत ज्यादा हो गई है। करीब दो तिहाई एक्टिव फार्मास्युटिकल इनग्रीडिएंट्स (एपीआई) चीन से आयात होते हैं। ऐसा नहीं है कि भारत में एपीआई नहीं बन सकते लेकिन चीनी सामग्री बहुत सस्ती पड़ती है। यही वजह है कि जब कोरोना के कारण चीन से आयात रुका तो कई दवाओं के दाम काफी बढ़ गए।

  • ऑटो पार्ट्स: भारत सालाना 27 फीसदी ऑटो पार्ट्स चीन से आयात करता है, जिनकी कीमत 4.8 अरब डॉलर है। वहीं, इस क्षेत्र में भारत का चीन को निर्यात सिर्फ 30 करोड़ डॉलर का है।
  • खिलौने: भारत अपनी जरूरत के 85 फीसदी खिलौने आयात करता है, इनमें अधिकांश चीन से ही आते हैं। इनकी कीमत 1.5 अरब डॉलर है। चीनी खिलौनों ने घरेलू बाजार को धराशायी कर दिया है।
  • मोबाइल: भारत में शीर्ष पांच मोबाइल विक्रेताओं में चार चीनी हैं। इनमें ओप्पो, वीवो, शाओमी, हुवावे शामिल हैं। 2017-18 में भारत को चीन ने 7.2 अरब डॉलर के मोबाइल बेचे थे। इनमें 2 अरब डॉलर की बिक्री अकेले शाओमी ने की थी। वहीं वीवो ने 1.6 अरब डॉलर के फोन बेचे।

  • ऑटो मोबाइल: हाल ही में ग्रेट वॉल मोटर्स ने महाराष्ट्र में एक अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। वहीं, एसएआईसी मोटर्स कॉरपोरेशन पहले से ही एमजी मोटर्स ब्रांड से कारें बेच रहा है और दूसरी इकाई में 35 करोड़ डॉलर निवेश का एलान किया है। गुजरात के हालोल स्थित जनरल मोटर्स के पुराने प्लांट से भारतीयों की जरूरत के हिसाब से कारें बनाने के लिए 29 करोड़ डॉलर भी निवेश करने जा रहा है।

भारत में शीर्ष निवेशक

  • अलीबाबा समूह : भारत में सबसे बड़ा चीनी निवेशक है। इसने 2015 में वन97 कम्युनिकेशन (पेटीएम) में 68 करोड़ डॉलर के निवेश से 40 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। फिर 2017 में करीब 18 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश किया। इस वक्त पेटीएम अपने रंग से लेकर डिजाइन तक अलीबीबा के पेमेंट एप अलीपे की तरह ही नजर आता है। साथ ही पेटीएम इस चीनी समूह के अली क्लाउड का भी इस्तेमाल करता है।
  • स्नैपडीलः 50 करोड़ डॉलर का निवेश कर रखा है। इसके अलावा बिग बास्केट में करीब 20 करोड़ डॉलर लगा रखे हैं, जिसके चलते यह कंपनी में सबसे बड़ा शेयरधारक हो गया है।
  • फूड डिलीवरी एप जोमैटो में 21 करोड़ डॉलर निवेश है। साथ ही लॉजिस्टिक कंपनी एक्सप्रेसबीज में 3.5 करोड़ डॉलर लगा रखे हैं।
  • फ्लिपकार्ट में 70 करोड़ तो ओला में 40 करोड़ डॉलर का किया है निवेश

कई क्षेत्रों के स्टार्टअप में करोड़ों डॉलर लगाए
हाइक मैसेंजर में 17.5 करोड़ डॉलर, हेल्थकेयर स्टार्टअप प्रैक्टो में 14.5 करोड़ डॉलर, एजुकेशन एप बायजू में 5.1 करोड़ डॉलर लगा रखे हैं। साथ ही स्विगी के लिए एक अरब डॉलर और संगीत एप गाना के लिए 11.5 करोड़ डॉलर फंडिंग जुटाने में मदद की।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed