बचत खाते में न रखें आपात फंड की रकम, स्वीप इन एफडी है बेहतर विकल्प
- 2.7% एसबीआई बचत खाते पर ब्याज
- 5.7% एसबीआई के एफडी पर अधिकतम ब्याज
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महामारी के इस दौर में हर आदमी मुश्किल समय के लिए जमा रकम को अपने बचत खाते में रखता है, ताकि जब चाहें निकासी कर सकें। पिछले कुछ समय से बैंकों ने बचत खाते पर ब्याज दरें घटाई हैं। लिहाजा यहां पैसे रखना अब फायदे का सौदा नहीं रहा। आपात फंड रखने के और भी विकल्प हैं जहां ज्यादा रिटर्न मिलेगा। प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
निवेश सलाहकार बलवंत जैन बताते हैं कि कई बैंक आजकल स्वीप इन डिपॉजिट योजना का विकल्प देते हैं। इसके तहत आपके बचत खाते में जमा निर्धारित सीमा से अधिक राशि स्वतः एफडी में तब्दील हो जाएगी। कहने का मतलब है कि अगर आपके खाते में 1 लाख रुपये जमा हैं और बैंक ने 25 हजार की सीमा निर्धारित की है तो शेष 75 हजार रुपये अपने आप एफडी में बदल जाएंगे। इस राशि पर आपको संबंधित बैंक की एफडी जितना ब्याज मिलेगा और आप जब चाहें राशि को खाते से निकाल भी सकते हैं। अगर आपने खाते से 25 हजार निकाल लिए तो अब शेष 50 हजार पर एफडी का ब्याज मिलेगा और 25 हजार पर बचत खाते का ब्याज। आमतौर पर इस खाते में एफडी की समय सीमा 1 साल होती है और खाते में जमा रकम पर भी हर बैंक के अलग नियम हो सकते हैं।
लिक्विड म्यूचुअल फंड...
सही है डेट म्यूचुअल फंड के तहत आने वाले लिक्विड फंड में भी बचत खाते से ज्यादा ब्याज मिलता है। जोखिम काफी कम होने से अल्प अवधि के लिए निवेश करने वालों का यह पसंदीदा विकल्प है। आप जब चाहें खाते में जमा रकम में से कितनी भी राशि निकाल सकते हैं। इसमें एंट्री और एग्जिट लोड नहीं लगता। मसलन, इसमें पैसे लगाने या निकासी पर कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। इसलिए यह लोकप्रिय है। अधिकतर लिक्विड फंडों में 5% तक ब्याज मिल जाता है। कुछ फंड एफडी जितना ब्याज भी देते हैं।
एफडी में भी आजमाएं हाथ
सावधि जमा योजना यानी एफडी में निवेश हमेशा से पहली पसंद रहा है। बैंकों की एफडी में अब भी बचत खाते से ज्यादा ब्याज मिलता है। आज कल कई बैंक तय समय से पहले एफडी तोड़ने पर कोई शुल्क या चार्ज नहीं लेते हैं। अधिकतर बैंकों की एफडी दरें अभी 3%-5.75% तक हैं। अगर आपने बैंक के बचत खाते में 2 लाख रुपये जमा किए हैं तो सालभर में 2.7% की दर से 5,400 रुपये ब्याज मिलेगा। 5% वाली एफडी 10 हजार रुपये ब्याज देगी। आपका रिटर्न 85% बढ़ जाएगा। लिहाजा एफडी समझदारी वाला फैसला हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
जोखिम वाले फंड में पैसे न लगाएं।
निवेश से पहले एफडी के बारे में बैंक से सारी जानकारी कर लें
ध्यान रहे, आपात फंड पैसे कमाने को नहीं बल्कि मुश्किल समय के लिए है
रिटर्न पर टैक्स की गणना जरूर करें...
आपात फंड को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी कदम है। अगर सुरक्षा के साथ रिटर्न मिलता है तो एफडी या लिक्विड फंड में जरूर लगाना चाहिए। हालांकि, हर निवेशक को इससे मिलने वाले रिटर्न पर अपनी आय के अनुरूप टैक्स की गणना जरूर कर लेनी चाहिए। -जगदीश ठक्कर, निवेश सलाहकार