{"_id":"61fd8bad9e6f4525af21d275","slug":"government-will-earn-1000-crores-every-year-from-tds-on-cryptocurrencies","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी पर टीडीएस से सरकार को हर साल होगी 1000 करोड़ की कमाई","category":{"title":"Cryptocurrency","title_hn":"क्रिप्टोकरेंसी","slug":"cryptocurrency"}}
Cryptocurrency: क्रिप्टोकरेंसी पर टीडीएस से सरकार को हर साल होगी 1000 करोड़ की कमाई
Sat, 05 Feb 2022 01:55 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Feb 2022 01:55 AM IST
सार
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में क्रिप्टोकरेंसी के मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स के साथ इसके लेनदेन पर एक फीसदी टीडीएस लगाने की घोषणा की है। नया नियम एक अप्रैल, 2022 से लागू होगा।
विज्ञापन
क्रिप्टोकरेंसी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर एक फीसदी टीडीएस लगाने के फैसले से सरकार को हर साल 1,000 करोड़ रुपये की कमाई होगी। इससे लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर जूझ रही सरकार को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन जेबी महापात्रा ने कहा कि इस वर्चुअल एसेट्स की खरीद-बिक्री पर एक फीसदी टीडीएस काटने पर सरकार को हर साल अच्छी कमाई होगी। उन्होंने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों का सालाना टर्नओवर 30,000 करोड़ से एक लाख करोड़ रुपये का है। एक लाख करोड़ रुपये के आधार पर एक फीसदी टीडीएस काटने से 1,000 करोड़ रुपये हर साल सरकार की झोली में आएंगे।
विज्ञापन
1.5 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश
क्रिप्टोकरेंसी के मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स से कितनी कमाई होगी, इस पर महापात्रा ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि 30 फीसदी टैक्स के साथ टीडीएस लगाने से सरकार की तिजोरी में काफी पैसा आएगा। देश में अभी क्रिप्टोकरेंसी में 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश का अनुमान है।
विज्ञापन
राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर राहत
राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा कि आयकर रिटर्न में क्रिप्टोकरेंसी से हुए मुनाफे के लिए एक अलग कॉलम की व्यवस्था की जाएगी। इसका मतलब है कि इस वर्चुअल एसेट्स में निवेश करने वालों को सरकार को मुनाफे की जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से सरकार को ऐसे वक्त पर काफी राहत मिल सकती है, जब वह राजकोषीय घाटा कम करने का रास्ता तलाश रही है।
क्रिप्टो पर कर समाधान मुहैया कराएगी क्लीयर
देश में वर्चुअल एसेट्स के लिए नई कर व्यवस्था पेश करने की घोषणा के कुछ दिन बाद ऑनलाइन टैक्सेशन एंड फिनटेक सॉफ्टवेयर प्रदाता क्लीयर (पूर्व में क्लीयर टैक्स) ने ‘क्लीयर क्रिप्टो टैक्स’ सेवा पेश की है।
इससे निवेशकों को अपने क्रिप्टो एसेट्स पोर्टफोलियों और कर प्रबंधन में मदद मिलेगी। ऑनलाइन मंच की सभी बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज और डेफी प्रोटोकॉल के साथ समझौता करने की योजना है। इसके जरिये टीडीएस, इनवॉयस और जीएसटी की गणना में मदद मिलेगी।