Cryptocurrency Update: बिटक्वाइन-इथेरियम बेहाल, लेकिन 24 घंटे में 622 फीसदी बढ़ीं ये क्रिप्टोकरेंसी, जानें पूरी डिटेल
मार्केट कैप के मुताबिक, अन्य शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी जैसे टेरा, डोजेक्वाइन, एवालांचे, शिबा इनु, कॉसकॉस और एल्गोरैंड आदि के दाम भी काफी नीचे पहुंच चुके हैं। इस गिरावट की वजह लगातार बढ़ती महंगाई, कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और सख्त मौद्रिक नीतियां हैं।
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बिटक्वाइन, इथेरियम और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। क्रिप्टो मार्केट के हालात इतने ज्यादा खराब हैं कि कई क्रिप्टोकरेंसी की कीमत तो 50 फीसदी तक कम हो चुकी है। यह गिरावट पिछले छह दिन से लगातार जारी है। सोमवार (24 जनवरी) को भी क्रिप्टो मार्केट बेहाल रहा। इस दौरान प्रमुख क्रिप्टो क्वाइन यूएसडी क्वाइन, टीथर, बिटक्वाइन, इथेरियम आदि के खरीदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, उस दौरान छह क्रिप्टोकरेंसी ने जमकर कमाई, जिनकी कीमत में 24 घंटे के दौरान 622 फीसदी का उछाल देखा गया। क्वाइनमार्केटकैप की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, लगातार हो रही गिरावट के चलते सोमवार शाम 5:30 बजे तक वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट 1.53 ट्रिलियन डॉलर का रह गया। पिछले 24 घंटे के दौरान बाजार में 7.32 फीसदी की गिरावट देखी गई।
33 हजार डॉलर से नीचे पहुंचा बिटक्वाइन
पिछले 24 घंटे के दौरान बिटक्वाइन की कीमत 33 हजार डॉलर से भी नीचे पहुंच गई। वहीं, इथेरियम में भी 10 फीसदी की गिरावट देखी गई और इसका दाम 2200 डॉलर से नीचे आ गया। अन्य क्रिप्टो क्वाइन जैसे सोलाना, कार्दानो, बिनांस, एक्सआरपी और शिबु इनु में भी भारी गिरावट बरकरार है।
24 घंटे में 35 फीसदी गिरी कुल क्रिप्टो वॉल्यूम
मुदरेक्स के को-फाउंडर और सीईओ इदुल पटेल ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान कुल क्रिप्टो वॉल्यूम में करीब 35 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। बिटक्वाइन अपने तीन महीने के सबसे निचले स्तर 35 हजार डॉलर से भी नीचे पहुंच चुका है। बिटक्वाइन में लगातार आ रही गिरावट से इसमें निवेश करने वालों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है। इसके अलावा इथेरियम में भी लगातार गिरावट आ रही है।
कई वजह से आ रही गिरावट
मार्केट कैप के मुताबिक, अन्य शीर्ष क्रिप्टोकरेंसी जैसे टेरा, डोजेक्वाइन, एवालांचे, शिबा इनु, कॉसकॉस और एल्गोरैंड आदि के दाम भी काफी नीचे पहुंच चुके हैं। इस गिरावट की वजह लगातार बढ़ती महंगाई, कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और सख्त मौद्रिक नीतियां हैं। इदुल पटेल ने बताया कि अगला सप्ताह पूरे क्रिप्टो स्पेक्ट्रम के लिए काफी मुश्किल होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हैं। दरअसल, चीन ने सिचुआन प्रांत में बिटक्वाइन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कोरोना वैरिएंट के चलते बिगड़ते हालात की वजह से पूरे मार्केट पर बुरा असर पड़ा है।
एन-टैन-मो ने की सबसे ज्यादा कमाई
उन्होंने बताया कि सोमवार को क्रिप्टो मार्केट में एन-टैन-मो नाम के क्रिप्टो क्वाइन ने सबसे ज्यादा कमाई की। पिछले 24 घंटे के दौरान इसकी कीमत 622.11 फीसदी बढ़ गई। आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम इसके एक टोकन की कीमत 0.03767 डॉलर थी। इसके अलावा ओब्सिडियम और एक्सोहुड क्रिप्टो क्वाइन ने भी जमकर कमाई की।
पिछले 24 घंटे में इन क्रिप्टोकरेंसी में आया उछाल
| क्रिप्टोकरेंसी | कीमत | उछाल (फीसदी में) |
| एन-टैन-मो | 0.03767 | 622.11 |
| ओब्सिडियम | 0.03282 | 600.07 |
| एक्सोहुड | 0.001359 | 290.27 |
| एस्याग्रो | 0.003978 | 174.99 |
| क्रेजी रिच क्वाइन | 0.00005663 | 131.93 |
| देवौर टोकन | 0.00000001012 | 115.53 |
इन क्रिप्टोकरेंसी में भारी नुकसान
| क्रिप्टोकरेंसी | कीमत | उछाल (फीसदी में) |
| ऑटोमेटिक नेटवर्क | 0.001701 | 99.91 |
| निन्जाफ्लोकी | 0.0000003901 | 87.89 |
| पैपपे | 0.0000001515 | 74.31 |
| कोविड स्लाइस | 0.00001407 | 68.69 |
| पीमेल | 0.000004017 | 68.02 |
| मेटासेफमून | 0.0000000005587 | 60.07 |