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Cryptocurrency Bill: भारत से बाहर निकलने की फिराक में ज्यादातर क्रिप्टो एक्सचेंज, जानें किन देशों में डेरा जमाने की है योजना
Fri, 26 Nov 2021 03:30 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Fri, 26 Nov 2021 03:30 PM IST
सार
Cryptocurrency Bill Effect: शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश करने की तैयारी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी में काम करने से रोके जाने के आदेश के बाद अब जेबपे, यूनोकॉइन, कॉइनसेक्योर, बाययूकोइन और बीटीसीएक्स इंडिया सहित कई क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज भारत से निकलने की फिराक में हैं।
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क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन
- फोटो : pixabay
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विस्तार
शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश करने की तैयारी और बीते महीनों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर सख्त रुख के चलते जेबपे, यूनोकॉइन, कॉइनसेक्योर, बाययूकोइन और बीटीसीएक्स इंडिया सहित कई क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज भारत से निकलने की फिराक में हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो ये एक्सचेंज अपने कार्यालयों को भारत के बाहर स्थानांतरित करना चाह रहे हैं। इन एक्सचेंज की पहली पसंद संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर को बताया जा रहा है।
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सलाहकारों से संपर्क करने में जुटे एक्सचेंज
डिजिटल करेंसी को लेकर भारत के कड़े रुख और देश में क्रिप्टोकरेंसी प्रतिबंधित होने की आशंका के चलते इन एक्सचेंजों को अब यहां अपना कारोबार करना सुगम नहीं लग रहा है। इसलिए देश से बाहर निकलने की योजना के तहत कई बिटकॉइन एक्सचेंज पहले ही अपने सलाहकारों से संपर्क कर चुके हैं और विभिन्न कर संरचनाओं पर काम कर रहे हैं।
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इन देशों में कार्यालय खोलने की तैयारी
अधिकांश एक्सचेंज यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वे सिंगापुर, डेलावेयर या बेलारूस जैसे देशों में अपना कारोबार स्थानांतरित कर सकते हैं, क्या इन देशों में क्रिप्टो को अच्छा रिस्पांस मिलेगा। आपको बता दें कि बैंकिंग नियामक ने कुछ समय पहले बैंकों को निर्देश देते हुए कहा था कि डिजिटल करेंसी निपटाने वाले व्यक्तियों या व्यावसायिक संस्थाओं को कोई भी सेवा प्रदान करने से परहेज करें। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी पर बैन को लेकर भी आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास कह चुके हैं, कि डिजिटल मुद्रा एक बहुत बड़ा खतरा है।
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सरकार की तैयारी से एक्सचेंजों में खौफ
केंद्र सरकार की शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल लाने की घोषणा ने पहले ही कई इस डिजिटल करेंसी में निवेश करने वाले निवेशकों को अपनी क्रिप्टोकरेंसी बेचने के लिए प्रेरित किया है। वहीं दूसरी ओर अधिकांश क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को अब डर सता रहा है कि आरबीआई की सख्ती के बाद उनके लिए देश में काम करना मुश्किल हो जाएगा।
विशेषज्ञों की क्या है राय
कर विशेषज्ञों का कहना है कि इस माहौल में एक्सचेंजों के पास महज दो विकल्प हो सकते हैं या तो कारोबार बंद कर दें या फिर किसी अन्य अधिकार क्षेत्र में चले जाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम के बाद भी हालांकि भारतीय निवेशक नवीन संरचनाओं के माध्यम से प्लेटफार्मों के साथ निवेश करना जारी रख सकते हैं।