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उपद्रव से हिचकोले खाने लगी सुहागनगरी की लाइफलाइन, श्रमिकों के घरों में रोजीरोटी का संकट
Mon, 23 Dec 2019 12:24 PM IST
Abhishek Saxena
दिलीप शर्मा, अमर उजाला, फिरोजाबाद
दिलीप शर्मा, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 23 Dec 2019 12:24 PM IST
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फिरोजाबाद पुलिस ने लगाए बैरियर
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद शहर में बवाल के बाद नगर क्षेत्र की लाइफ लाइन चूड़ी उद्योग की नब्ज गड़बड़ा गई है। चूड़ी उद्योग से जुडे़ गोदाम और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ी गतिविधियां ठप पड़ी हैं। वहीं इन जगहों पर कामकाज कर आजीविका कमाने वाले श्रमिकों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सुहागनगरी में शुक्रवार को उपद्रव ने चूड़ी उद्योग एवं उससे जुडे़ गोदामों एवं ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर कार्यरत हजारों श्रमिकों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। तनाव के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में चलने वाले चूड़ी गोदाम बंद हैं। चूड़ी उद्योग से जुड़ी गतिविधियां ठप होने के के कारण नगर के ट्रांसपोर्ट्स भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
तीन दिन से चल रही बंदी के कारण सैकड़ों पल्लेदार, हथठेला चालक एवं चूड़ी की चकलाई एवं छटाई के माध्यम से आजीविका कमाने वाले हजारों श्रमिकों के समक्ष रोटी के लाले पड़ना शुरू हो गए हैं।
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सुहागनगरी में शुक्रवार को उपद्रव ने चूड़ी उद्योग एवं उससे जुडे़ गोदामों एवं ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर कार्यरत हजारों श्रमिकों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। तनाव के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में चलने वाले चूड़ी गोदाम बंद हैं। चूड़ी उद्योग से जुड़ी गतिविधियां ठप होने के के कारण नगर के ट्रांसपोर्ट्स भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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तीन दिन से चल रही बंदी के कारण सैकड़ों पल्लेदार, हथठेला चालक एवं चूड़ी की चकलाई एवं छटाई के माध्यम से आजीविका कमाने वाले हजारों श्रमिकों के समक्ष रोटी के लाले पड़ना शुरू हो गए हैं।
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कारखाने बंद: बेकारी का शिकार 40 हजार श्रमिक
नगर क्षेत्र की सीमा में मोहल्ला कोटला, रानीवाला कंपाउंड, स्टेशन रोड, आकाशवाणी रोड, नालबंदान चौराहा, पत्थर वाली गली आदि जगहों पर लगभग 50-60 चूड़ी कारखाने हैं।
इन कारखानों में रोजनदारी पर काम करने वाले श्रमिकों की संख्या लगभग 40 हजार से ज्यादा हैं। आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में तीन सौ से 550 रुपये पर काम वाले दिहाड़ी श्रमिकों के घरों में चूल्हे की तपिश पैसे के अभाव में ठंडी पड़ चुकी है।
नगर क्षेत्र के कुल चूडी कुल कारखाने -60-70
अनुमानत: पल्लेदारों,हाथठेला की संख्या -2000
कुल चूडी गोदामों व स्टॉक की सख्या -3000
गोदाम व स्टॉक पर काम करने वाले श्रमिक -20000
नगर क्षेत्र की सीमा में मोहल्ला कोटला, रानीवाला कंपाउंड, स्टेशन रोड, आकाशवाणी रोड, नालबंदान चौराहा, पत्थर वाली गली आदि जगहों पर लगभग 50-60 चूड़ी कारखाने हैं।
इन कारखानों में रोजनदारी पर काम करने वाले श्रमिकों की संख्या लगभग 40 हजार से ज्यादा हैं। आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्टों में तीन सौ से 550 रुपये पर काम वाले दिहाड़ी श्रमिकों के घरों में चूल्हे की तपिश पैसे के अभाव में ठंडी पड़ चुकी है।
नगर क्षेत्र के कुल चूडी कुल कारखाने -60-70
अनुमानत: पल्लेदारों,हाथठेला की संख्या -2000
कुल चूडी गोदामों व स्टॉक की सख्या -3000
गोदाम व स्टॉक पर काम करने वाले श्रमिक -20000