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मैकडोनाल्ड से विक्रम बख्शी की विदाई तय, अब यह कंपनियां संभाल सकती हैं जिम्मेदारी

Thu, 09 May 2019 02:15 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 09 May 2019 02:15 PM IST
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vikram bakshi cprl may exit from mcdonalds, compnay hunts for new partner
macdonald vikram bakshi

मैकडोनाल्ड इंडिया के पूर्व और उत्तर भारत के एमडी विक्रम बख्शी की जल्द विदाई होने वाली है। गौरतलब है कि मैकडोनाल्ड और विक्रम बख्शी के स्वामित्व वाली कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट में काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। 

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इन दो कंपनियों ने दिखाई रुचि

फिलहाल मैकडोनाल्ड के उत्तर और पूर्व भारत में स्थित रेस्टोरेंट का संचालन करने के लिए दो कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इसमें आरपी-संजीव गोयनका समूह और मून ब्रीवरेज शामिल हैं। मून ब्रीवरेज कोका कोला इंडिया का सबसे बड़ा बॉटलिंग पार्टनर है। फिलहाल बख्शी के स्वामित्व वाले सीपीआरएल 165 रेस्टोरेंट का संचालन कर रही है। 

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मैकडोनाल्ड के एशिया-पैसेफिक निदेशक बैरी सम ने कहा फिलहाल दोनों कंपनियों से बातचीत चल रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे रेस्टोरेंट की लीज पर भी असर पड़ेगा। अभी सारी लीज सीपीआरएल ने की है, जिसको बदलना पड़ेगा। हालांकि एक कयास यह भी है दक्षिण और पश्चिम भारत में मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट चलाने वाले अमित जतिया ने भी हिस्सेदारी लेने के लिए सहमति जताई है। 
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अमित जतिया के स्वामित्व वाले हार्डकैसल रेस्टोरेंट ने कहा है कि फिलहाल सीपीआरएल और मैकडोनाल्ड के बीच समझौता होने को है। 

2013 में विक्रम बख्शी को हटाया था एमडी पद से 

2013 में मैकडोनाल्ड ने विक्रम बख्शी को सीपीआरएल के एमडी पद से हटा दिया था, जिसके खिलाफ बख्शी ने कंपनी लॉ बोर्ड में याचिका दायर की थी। इसके बाद बख्शी मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में लेकर के चले गए थे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समझौता करने के लिए कहा था। 

2017-18 में हुआ था 65 लाख का लाभ

कंपनी को वित्त वर्ष 2017-18 में 65 लाख रुपये का लाभ हुआ था। इससे पहले के वित्त वर्ष में सीपीआरएल को 305 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ा था। 

1995 में हुआ था करार

मैकडोनाल्ड और सीपीआरएल के बीच 1995 में करार हुआ था। तब सीपीआरएल ने फ्रैंचाइजी मॉडल पर देश भर में अपने रेस्टोरेंट खोले थे। उसी समय से मैकडोनाल्ड के कई रेस्टोरेंट अस्तित्व में आए। विश्वव्यापी ब्रांड होने के कारण और भारतीयों के स्वाद के अनुसार अपने मेन्यू में बदलाव करने के कारण कंपनी पूरे देश में काफी प्रसिद्ध हो गई थी। 

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