वेदांता का लक्ष्य, कंपनी 55,000 करोड़ रुपये का कर सकती है निवेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनन क्षेत्र के दिग्गज कंपनी समूह वेदांता लिमिटेड ने अपनी विभिन्न कंपनियों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 55,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य रखा है। वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन नवीन अग्रवाल ने गुरुवार को शेयरधारकों की वार्षिक आम सभा में यह जानकारी दी।
55,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का है लक्ष्य
मध्यम अवधि को देखते हुए, अग्रवाल ने कहा कि वेदांता लिमिटेड का लक्ष्य दो से तीन वर्ष में कुल 55,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश करने की है ताकि समूह की विभिन्न इकाइयों की उत्पादन क्षमता का 50 फीसदी तक विस्तार किया जा सके। कंपनी इसके लिए धन की व्यवस्था आंतरिक नकदी प्रवाह से कर सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आम बजट 2019-20 में अगले पांच सालों में बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह है कंपनी का लक्ष्य
इससे देश में शहरीकरण और औद्योगिकीकरण का विस्तार होगा और प्राकृतिक संसाधनों की अच्छी खासी मांग पैदा होगी। अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल भारत सालाना 465 अरब डॉलर के खनिज संसाधनों का आयात करता है। कंपनी ने कहा कि वह दुनिया की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक और शीर्ष तीन चांदी उत्पादकों में शामिल होने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
एक साल में किया 10,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय
इसे देखते हुए उसने 2018-19 में करीब 10,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है। अग्रवाल ने कंपनी की सालाना आम बैठक (एजीएम) में कहा कि, 'वेदांता भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी पेट्रोलियम एवं गैस उत्पादक कंपनी है। कंपनी का लक्ष्य देश के उत्पादन में अपनी 27 फीसदी के योगदान को दोगुना करना है।' उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत अपनी पेट्रोलियम और गैस जरूरतों का 80 फीसदी आयात करता है। इसका मूल्य 150 अरब डॉलर बैठता है।