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एनएसईएल घोटालाः डूबा पैसा जल्द मिलेगा वापस?
ब्यूरो/अमर उजाला,दिल्ली
Updated Wed, 29 Jan 2014 12:10 PM IST
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करीब 5,600 करोड़ रुपये के एनएसईएल घोटाले में डिफॉल्टरों के साथ पैसा लौटाने के लिए समझौते के प्रयास तेज हो गए हैं। कुछ डिफॉल्टर भुगतान करने पर सहमत हो गए हैं और उन्होंने समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं। कुछ अन्य दूसरे डिफॉल्टर जल्द ही समझौते पर दस्तखत कर सकते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक एनएसईएल इनवेस्टर फोरम, ब्रोकरों और एक्सचेंज की तरफ से एक अनौपचारिक इकाई (अम्ब्रेला बॉडी) बनाई गई है, जो डिफॉल्टरों से पैसा लौटाने के लिए मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की मदद से बातचीत कर रही है।
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एनएसईएल के शीर्ष 10 डिफॉल्टरों पर गत 7 जनवरी 2014 तक कुल 4,710 करोड़ रुपये की देनदारी थी। इनमें एनके प्रोटीन्स, एआरके इंपोर्ट्स, पीडी एग्रोप्रोसेसर, मोहन इंडिया, याथुरी एसो., लॉयल कॉन्टिनेंटल, ताविशी इंटरप्राइजेज, लॉयल हेल्थ, लोटस रिफाइनरीज और जुगरनट प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
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सूत्रों के मुताबिक मोहन इंडिया व एनसीएस शुगर्स ने एनएसईएल के साथ समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं।
वहीं, पीडी एग्रोप्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड, नामधारी फूड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, नामधारी राइस एंड जनरल मिल्स, एनके प्रोटीन्स, लॉयल हेल्थ और लोटस रिफाइनरीज के साथ भुगतान को लेकर बातचीत की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इनमें से कुछ कंपनियां एक्सचेंज के साथ भुगतान समझौते पर दस्तखत कर सकती हैं।
गौरतलब है कि एनएसईएल घोटाले की जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अलावा एफएमसी, एसएफआईओ सहित कई अन्य सरकारी एजेंसियां कर रही हैं। इस मामले में कई आरोपियों की संपत्तियों को अटैच किया गया है और कुछेक की गिरफ्तारियां भी हुई हैं।