जेट एयरवेज को खरीदने के लिए सिनर्जी ग्रुप को मिला 15 नवंबर तक का समय
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बंद हो चुकी एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज को खरीदने के लिए सिनर्जी ग्रुप ने इच्छा दिखाई थी। अब कर्ज देने वाली कमेटी ने सिनर्जी ग्रुप को रेजोल्यूशन प्लान बनाने के लिए एक महीने का और समय दिया है। ग्रुप के पास अब 15 नवंबर तक का समय है।
पहले 14 अक्तूबर तक का था समय
इस संदर्भ में सूत्रों ने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने से रेजोल्यूशन प्लान दिसंबर तक जा सकता है। पहले रेजोल्यूशन प्लान देने की समय सीमा 14 अक्तूबर थी और 28 अक्तूबर को इसे एनसीएलटी की सहमति के लिए पेश किया जाना था। सूत्रों के अनुसार, कॉफी चेन बरिस्ता के पूर्व सीईओ रवि देओल ने भी सिनर्जी ग्रुप के मालिकों के साथ बैठक की है।
नरेश गोयल पर टैक्स चोरी करने का आरोप
जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल ने देश और विदेश में अपनी बहुत सारी कंपनियां बनाकर टैक्स चोरी की दर्जनों योजनाओं का एक ‘ढांचा’ तैयार किया था और इससे बड़े पैमाने पर बचने वाले पैसे को विदेशों में स्थानांतरित कर दिया। हालांकि इस रकम की सही संख्या का पता नहीं लगा है, लेकिन इतना माना जा रहा है कि गोयल ने अरबों रुपये बचाकर विदेश भेजे थे।
छह महीने से बंद है कंपनी
जेट एयरवेज को बंद हुई करीब छह महीने हो गए हैं। कंपनी के बंद होने से 20,000 लोगों की नौकरी पर संकट आ गया था। कंपनी के पास कर्मचारियों कोवेतन देने के लिए भी पैसे नहीं थे। इतना ही नहीं, भारी नकदी संकट से डूबने की कगार पर पहुंची निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज अपने 20,000 से अधिक कर्मचारियों की मेडिक्लेम सुविधा भी बंद कर दी थी। एयरलाइन ने कर्मचारियों से कहा था कि वह समूह मेडिक्लेम पॉलिसी का प्रीमियम भरने की स्थिति में नहीं है।
इनसॉल्वेंसी के लिए किया था आवेदन
20 जून को कंपनी ने इनसॉल्वेंसी के लिए आवेदन किया था। इन्सोलवेंसी ऑर्डर में कहा गया था कि एयरलाइन को बचाना राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा हुआ है। कंपनी के पास 20,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं। वेबसाइट के अनुसार, क्रेडिटर्स ने 30,907 करोड़ रुपये के दावे किए हैं। रिजोल्यूशन प्लान में अब तक 14,000 करोड़ रुपये के दावे पेश किए गए हैं।