सेबी ने होटल लीला को संपत्तियां बेचने पर लगाई रोक, 18 जून को होगी सुनवाई
- आईटीसी ने होटल लीलावेंचर पर लगाया आरोप, एनसीएलटी में दायर की याचिका
- -3,950 करोड़ में ब्रुकफील्ड को बेचने की घोषणा की थी एचएलवीएल ने
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वित्तीय संकट से जूझ रही होटल लीलावेंचर लिमिटेड (एचएलवीएल) ने बुधवार को बताया कि बाजार नियामक सेबी ने उसके चार होटलों और अन्य संपत्तियों को कनाडा के निवेश कोष ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट को बेचने पर रोक लगा दी है।
होटल लीलावेंचर ने 18 मार्च को बंगलूरू, चेन्नई, दिल्ली और उदयपुर में स्थित अपने चार होटलों और एक अन्य संपत्ति को ब्रुकफील्ड को 3,950 करोड़ में बेचने की घोषणा की थी। इसके लिए उसने शेयरधारकों से मंजूरी मांगी थी, जिसके लिए वोटिंग की आखिरी तारीख 24 अप्रैल है।
सेबी ने होटल लीलावेंचर को लिखे पत्र में कहा कि उसे आईटीसी समूह और अल्पांश शेयरधारक जीवन बीमा निगम से विरोध पत्र मिला है। उसने होटल लीलावेंचर पर ‘उत्पीड़न और कुप्रबंधन’ का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में याचिका दायर की है।
पत्र में कहा गया है कि आईटीसी समूह ने होटल लीलावेंचर, उसके प्रमोटरों और जेएस फाइनेंशियल एसेट रिंकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के खिलाफ कुछ आरोप लगाए हैं। आरोप में कहा गया है कि इनलोगों ने संपत्तियों की बिक्री के लिए पोस्टल बैलेट नोटिस के संबंध में शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है।
अगले आदेश तक बिक्री पर रोक
होटल लीलावेंचर ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि इस मामले में सेबी को उसके खिलाफ विरोध पत्र मिले हैं। सेबी ने प्रतिभूति बाजार में निवेशकों के हितों को लेकर चिंता जताई है और आपत्तियों की जांच कर रही है। सेबी ने अगले निर्देश तक होटल लीलावेंचर को कोई भी संपत्ति नहीं बेचने का आदेश दिया है।
एनसीएलटी में 18 जून को सुनवाई
एनसीएलटी ने होटल लीलावेंचर एवं उसे कर्ज देने वाले जीएम फाइनेंशियल एआरसी को नोटिस जारी कर आईटीसी की याचिका पर जवाब देने को कहा है। होटल लीलावेंचर में आईटीसी अल्पांश शेयरधारक (7.92 फीसदी) है।
उसने अपनी अर्जी में प्रबंधन से जुड़े मामलों पर निर्णय के लिए न्यूनतम 10 फीसदी शेयर की शर्त से छूट देने का आग्रह किया है। हालांकि, एनसीएलटी आईटीसी की याचिका को सुनवाई के लिए दाखिल करना चाहती थी, लेकिन प्रक्रिया संबंधी मुद्दों का हवाला देते हुए न्यायाधिकरण ने ऐसा नहीं किया। अब 18 जून को इस मामले में सुनवाई होगी।