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सिर्फ एक फैसले से बच जाएगा दो लाख का टैक्स!
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 14 Feb 2014 12:53 PM IST
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बाजार नियामक सेबी ने नए कॉरपोरेट गवर्नेंस दिशानिर्देशों को मंजूरी प्रदान करने के साथ ही म्यूचुअल फंड के लिए लंबी अवधि की पॉलिसी को भी अनुमति दे दी।
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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए नए कॉरपोरेट गवर्नेंस दिशानिर्देशों को मंजूरी प्रदान कर दी। अब कंपनियों को उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के वेतनमान को तर्क संगत बनाने सहित कई और योजनाओं का खुलासा करना होगा। बाजार नियामक ने म्यूफंड उत्पादों पर कर प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा है।
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सेबी ने धारा 80सी के तहत आयकर छूट की सीमा एक लाख से बढ़ाकर दो लाख करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे कि म्यूचुअल फंड योजनाओं को कर छूट के लिहाज से सक्षम बनाया जा सके।
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सेबी अध्यक्ष यूके सिन्हा ने बताया कि नए नियमों के तहत कंपनियों को उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के वेतन को न्यायसंगत साबित करना होगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के अनुकूल माहौल के लिए नियम बनाने होंगे।
साथ ही उत्तराधिकार चयन करने का निश्चित ढांचा भी तय करना होगा। भविष्य में लिस्टिंग समझौते में नए नियमों को शामिल कर दिया जाएगा, ताकि यह सभी कंपनियों के लिए बाध्यकारी हो।