फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   sahara group is in trouble again

नई परेशानी में फंसे सुब्रत, सहारा अब RBI के फेरे में

Wed, 25 Feb 2015 12:12 PM IST
Updated Wed, 25 Feb 2015 12:12 PM IST
विज्ञापन
sahara group is in trouble again

सहारा समूह एक और नई परेशानी में फंसता दिख रहा है। नई परेशानी प्रतिभूतियों (सिक्यूरिटीज) को बेचकर जुटाए गए पैसों को निवेशकों को रिफंड करने को लेकर है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अदालती आदेश के खिलाफ है। कोर्ट ने सहारा समूह से पूछा कि आखिर वह ऐसा क्यों कर सकती है। कोर्ट के निर्देश पर अब रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया पूरे मामले की जांच करेगा।
विज्ञापन


आरबीआई ने मंगलवार को न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दावा किया कि सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईएफसीएल) ने कुछ प्रतिभूतियों की बिक्री कर पार्टनरशिप कंपनी सहारा इंडिया को 484.67 करोड़ रुपये लोन दिया। सहारा इंडिया ने ये पैसे निवेशकों को वापस किए, जबकि इसका ट्रांसफर सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट में किया जाना था।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्यों बेचीं प्रतिभूतियां

sahara group is in trouble again

इस पर पीठ ने सहारा समूह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस गणेश से पूछा कि ऐसा कैसे किया जा सकता है, जबकि गत वर्ष चार जून के आदेश में समूह को बांड और प्रतिभूति की बिक्री से जुटाए पैसे सहारा-सेबी रिफंड अकाउंट में जमा करने का निर्देश दिया गया था।

पीठ ने पूछा कि आपने प्रतिभूतियां क्यों बेचीं? आपको आरबीआई के पास जाना चाहिए था। पीठ ने सहारा से कहा कि आपकी परेशानी बढ़ती जा रही है।

पीठ ने आरबीआई को निर्देश दिया है कि वह नियम-कानून के हिसाब से अपना निर्णय लें। हालांकि, पीठ ने आरबीआई से कहा कि वह सहारा का पक्ष लेने के बाद फैसला लें।

आरबीआई अगर सहारा समूह पर पेनाल्टी लगाना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। साथ ही शीर्ष अदालत ने सहारा समूह को हलफनामे के जरिए यह बताने के लिए कहा कि निवेशकों को पैसे चेक से दिए गए हैं या नकद। इसका पूरा ब्योरा पेश करने के लिए कहा गया है।

फिर से मिलेगी पुरानी व्यवस्था

sahara group is in trouble again

वहीं वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने सुब्रत राय सहारा और समूह के दो निदेशकों को जेल के भीतर संपत्तियों की बिक्री के लिए खरीदार की संभावना तलाशने के लिए पूर्व में दी जा रही व्यवस्था फिर से देने की गुहार की।

उन्होंने कहा कि कम से कम दो हफ्ते के लिए यह व्यवस्था फिर से दी जाए। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को नोटिस जारी किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से कहा कि वह पहले वह सेबी और अमाइकस क्यूरी को यह बताए कि खरीदार से बातचीत किस चरण में है।

इसके बाद इस पर विचार किया जाएगा। अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी। मालूम हो कि सहारा प्रमुख और उसके दो निदेशक करीब 11 महीने से जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए 5000 करोड़ रुपये और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी देने के लिए कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed