{"_id":"610236f074f31c232b757377","slug":"rakesh-jhunjhunwala-to-start-new-low-cost-airline-akasa-air-soon-with-70-aircraft","type":"story","status":"publish","title_hn":"योजना: 70 एयरक्राफ्ट के साथ सस्ती एयरलाइन कंपनी शुरू करने जा रहे हैं झुनझुनवाला, निवेश करेंगे 260 करोड़ रुपये","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
योजना: 70 एयरक्राफ्ट के साथ सस्ती एयरलाइन कंपनी शुरू करने जा रहे हैं झुनझुनवाला, निवेश करेंगे 260 करोड़ रुपये
Thu, 29 Jul 2021 10:34 AM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 29 Jul 2021 10:34 AM IST
सार
राकेश झुनझुनवाला 'आकासा एयर' नाम से नई एयरलाइन कंपनी शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इसमें उनकी 40 फीसदी, इंडिगो के पूर्व प्रेजिडेंट आदित्य घोष की 10 फीसदी से कम और जेट एयरवेज के पूर्व सीईओ विनय दुबे की 15 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हो सकती है।
विज्ञापन
राकेश झुनझुनवाला
- फोटो : ट्विटर
विस्तार
दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला अगले चार सालों में 70 एयरक्राफ्ट के साथ एक नई एयरलाइन कंपनी शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए झुनझुनवाला 35 मिलियन डॉलर (260 करोड़ रुपये) का निवेश कर सकते हैं। इस कंपनी में उनक हिस्सेदारी 40 फीसदी हो सकती है। इतना ही नहीं, ब्लूमबर्ग के अनुसार आगामी 15 दिनों में राकेश झुनझुनवाला भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस संदर्भ में नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NoC) भी ले सकते हैं। झुनझुनवाला की योजना भारत में लो कॉस्ट एयरलाइन शुरू करने की है। इसका नाम आकासा एयर रखा जाएगा।
विज्ञापन
एविएशन इंडस्ट्री में हो सकती है आदित्य घोष की वापसी
दिग्गज निवेशक को अपनी प्रस्तावित एयरलाइन के लिए एविएशन सेक्टर के दिग्गज और इंडिगो के पूर्व प्रेजिडेंट आदित्य घोष का साथ मिल गया है। सूत्रों के अनुसार आदित्य घोष सह-संस्थापक के रूप में कंपनी में शामिल होंगे। कहा जा रहा है कि झुनझुनवाला और जेट एयरवेज के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे आकासा नाम से नई एयरलाइन शुरू करने जा रहे हैं।
विज्ञापन
नई एयरलाइन में घोष की 10 फीसदी से कम हिस्सेदारी
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस संदर्भ में एक सूत्र ने बताया कि घोष की नई एयरलाइन में 10 फीसदी से कम हिस्सेदारी होगी और वह झुनझुनवाला के नॉमिनी के तौर पर बोर्ड मेंबर होंगे। घोष मैनेजमेंट का हिस्सा नहीं होंगे। इस एयरलाइन कंपनी में विनय दुबे की 15 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हो सकती है। कंपनी में अमेरिका की पार कैपिटल मैनेजमेंट और होमस्टे एग्रीगेटर एयरबीएनबी इसमें निवेश कर रही हैं।
विज्ञापन
10 साल तक इंडिगो से जुड़े थे आदित्य घोष
मालूम हो कि घोष ने साल 2018 में इंडिगो छोड़ दी थी। घोष 2008 में इंडिगो से जुड़े थे और वह 10 साल तक इसके प्रेजिडेंट और पूर्णकालिक डायरेक्टर रहे थे। उन्होंने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी बनाने में अहम भूमिका निभाई। तीन साल पहले जब उन्होंने कंपनी छोड़ी थी तो उसके पास 160 विमानों का बेड़ा, 1000 से अधिक रोजाना उड़ानें और 55,000 करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण था। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 63567.89 करोड़ रुपये है। आज इसका शेयर 1686.70 के स्तर पर खुला।