Ola Job Cut: ओला में हो सकती है 400 से 500 कर्मचारियों की छंटनी, खर्च कम करने की कवायद शुरू
कंपनी से जुड़े एक सूत्र के अनुसार प्रमुख मैनेजरों से अपनी टीम के उन लोगों की लिस्ट बनाने के लिए कहा गया है, जिनकी छंटनी की जा सकती है। खबरें यह भी आ रही हैं कि ओला ने देश के बाहर ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, और न्यूजीलैंड जैसे विदेशी बाजारों में निवेश के फैसले को भी फिलहाल टाल दिया है।
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दुनियाभर में मंदी की आशंकाओं के बीच कई कंपनियों में छंटनी की खबरें आ रही हैं। भारत में भी बायजू, अनअकेडमी जैसी कंपनी में छंटनी की खबरें पिछले दिनों मीडिया में चली हैं। एक और बड़ी देसी कंपनी में छंटनी की खबरें आ रही है। यह कंपनी है ओला। खबरों के अनुसार टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी ओला अपने 400 से 500 कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ओला अपने आईपीओ लाने की योजना में देरी और फंडिंग को लेकर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में, कंपनी अपनी लागत को कम करने की कोशिश के तहत कर्मचारियों की छंटनी का कदम उठा सकती है।
ओला में कर्मचारियों की छंटनी का अंदेशा इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अभी हाल ही में कंपनी ने कपनी क्विक कॉमर्स बिजनेस ओला डैश को बंद कर दिया था। वहीं अपनी इलेक्ट्रिक वाहरों के सेगमेंट पर फोकस करने के लिए कंपनी ने अपनी सेकेंड हैंड कारों के बिजनेस ओला कार्स को भी बंद करने का फैसला किया है। कंपनी की ओर कहा गया है कि इन कंपनियों को बंद करने का उद्देश्य कंपनी के इलेक्ट्रिक सेंगमेंट के सफर को तेज बनाना है।
कंपनी से जुड़े एक सूत्र के अनुसार प्रमुख मैनेजरों से अपनी टीम के उन लोगों की लिस्ट बनाने के लिए कहा गया है, जिनकी छंटनी की जा सकती है। खबरें यह भी आ रही हैं कि ओला ने देश के बाहर ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, और न्यूजीलैंड जैसे विदेशी बाजारों में निवेश के फैसले को भी फिलहाल टाल दिया है।
कंपनी से जुड़े दूसरे जानकार बताते हैं कि कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने खर्चे को लगभग बंद कर दिया है। ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देशों में कंपनी की बाजार में हिस्सेदारी का प्रतिशत अब सिमट कर एक अंकों में आ गया है।
आपको बता दें कि अनुमानों के आधार पर ओला के कोर मोबिलिटी बिजनेस में करीब 1000 से 1100 कर्मचारी काम करते हैं। सूत्र बताते हैं कि वे हर महीने करीब 100 से 150 करोड़ का राजस्व जुटाते हैं। जिसमें करीब 40 से 50 करोड़ कंपनी का प्रॉफिट रहा है। ऐसे में जानकार मानते हैं कि ओला डैशन जैसे खर्चीले कारोबार को बंद करने से कंपनी को अपना आईपीओ लाने की तैयारी करने में सहूलियत होगी।
कर्मचारियों मे कटौती करने के फैसले से कंपनी का ऑपरेशनल मार्जिन बढ़ जाएगा ऐसे में वे अपने मूल कारोबार को मुनाफे में दिखा पाने में सक्षम हो सकेंगे। हलांकि, ओला में छंटनी की खबरों पर कंपनी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है। कंपनी की ओर से इतना जरूर कहा गया है कि उसका फोकस मोबिलिटी इंडस्ट्री पर बना रहेगा फिर चाहे वो राइड-हेलिंग हो, ऑटो रिटेल हो, फाइनेंशियल सेवाएं हो या इलेक्ट्रिक वाहनों का कारोबार हो।