मैगी का दावा: 10 दिन में ही बिक गए 3.3 करोड़ पैकेट
मैगी पर बैन लगने के बाद दोबारा बाजार में इसकी वापसी से मानो लोगों का एक लंबा इंतजार खत्म हुआ हो। कंपनी का दावा है कि मैगी दोबारा बिकनी शुरू होने के बाद महज 10 दिन के अंदर ही 3.3 करोड़ पैकेट बिक गए हैं।
यह डेटा 350 शहरों में बिके मैगी के पैकेटों का है। आपको बता दें कि करीब 5 महीने पहली खाद्य सुरक्षा नियामक एफएसएसएआई ने मैगी में लेड की मात्रा अधिक होने के कारण इसे बैन कर दिया था।
एक एनालिस्ट प्रजेंटेशन में कंपनी के कहा कि वह मैगी को 1.2 लाख आउटलेट्स पर 724 डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए बेच रही थी।
476.2 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान
कंपनी के अनुसार नेस्ले इंडिया को 476.2 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें वो नुकसान भी शामिल है, जो कंपनी को 34,663 टन नूडल्स को नष्ट करके हुआ है साथ ही इसमें इसे नष्ट करने की लागत भी शामिल है।
आपको बता दें कि बैन लगने के बाद 9 नवंबर 2015 को मैगी ने दोबारा बाजार में वापसी की थी, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट की सभी शर्तों को पूरा किया गया था। शर्तें पूरी करने के बाद ही एफएसएसएआई औरर महाराष्ट्र एफडीए ने प्रतिबंध हटाया था।