इस कंपनी में हिस्सेदारी बेचने जा रही है सरकार, कंपनियों से मंगाई बोली
वित्त वर्ष 2020-21 के विनिवेश के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार अब एक और सरकारी कंपनी में हिस्सेदारी बेचने जा रही है। वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र की शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) में अपनी 63.75 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सरकार ने प्राइवेट कंपनियों और निवेशकों से बोली मंगाई है। एससीआई में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने के लिए कंपनियां 13 फरवरी तक रुचि पत्र यानी एक्सप्रेशंस ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जमा कर सकती हैं। मालूम हो कि सरकार 2020 की शुरुआत में ही कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती थी, लेकिन महामारी के चलते इसमें विलंब हुआ है।
Ministry of Finance invites global expression of interest for strategic disinvestment of 63.75% shares held by Govt of India in Shipping Corporation of India (SCIL), along with the transfer of management control pic.twitter.com/pmXZDBAA5R
— ANI (@ANI) December 22, 2020विज्ञापन
हरे निशान पर कारोबार कर रहा है शेयर
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) विनिवेश प्रक्रिया चालू वित्त वर्ष में पूरा करने को लेकर काम कर रहा है। इसका कारण जहां एक तरफ इसमें निवेशकों की रुचि है, वहीं दूसरी तरफ सौदे का आकार बड़ा नहीं है। शिपिंग कॉरपोरेशन का शेयर सोमवार को 82.65 पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह हरे निशान पर कारोबार कर रहा है। मौजूदा समय में शिपिंग कॉरपोरेशन बाजार पूंजीकरण 39.76 अरब रुपये है।
पिछले साल मिली थी विनिवेश की मंजूरी
सरकार की शिपिंग कॉरपोरेशन में हिस्सेदारी मूल्य करीब 2,500 करोड़ रुपये बैठती है। मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने पिछले साल नवंबर में शिपिंग कॉरपोरेशन में विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण योजना के क्रियान्वयन में देरी हुई।
ये है सरकार का लक्ष्य
वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में विनिवेश के जरिए 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अब तक केंद्रीय लोक उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी बेचकर 11,006 करोड़ रुपये जुटाए हैं।