मैकडोनाल्ड के सीईओ को कंपनी ने दिखाया बाहर का रास्ता, कर्मचारी के साथ थे संबंध
- कर्मचारी के साथ रिलेशनशिप के कारण हटाए गए मैकडोनाल्ड्स के सीईओ, कंपनी ने कहा- आपसी सहमति से संबंध भी पॉलिसी के खिलाफ
- 2015 में मैकडोनाल्ड्स के सीईओ बने थे स्टीव ईस्टरब्रुक, 112 करोड़ रुपए था सैलरी पैकेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुनिया की सबसे बड़ी फास्ट फूड चेन में से एक मैकडोनाल्ड्स (McDonald's) ने सीईओ स्टीव ईस्टरब्रुक को बर्खास्त कर दिया है। ईस्टरब्रुक को कंपनी की ही एक कर्मचारी के साथ रिलेशनशिप होने के कारण बाहर किया गया है।
ईस्टरब्रूक के कार्यकाल के दौरान कंपनी को अपने स्टाफ को कम सैलरी देने के आरोप भी झेलने पड़े थे। 2018 में ईस्टरब्रूक को 1.59 करोड़ डॉलर (112 करोड़ रुपए) का पैकेज मिला था। यह मैकडोनाल्ड्स में कर्मचारियों को मिलने वाली औसत सैलरी से 2,124 गुना ज्यादा था। पिछले साल इंटेल के सीईओ ब्रायन किजानित को भी ऐसे ही आरोप के कारण पद छोड़ना पड़ा था। वे 2013 से इंटेल के सीईओ थे।
मैकडोनाल्ड्स ने कहा है कि इनकी रिलेशनशिप आपसी सहमति से बनी, लेकिन यह कंपनी की पॉलिसी के खिलाफ है और इससे उनका कमजोर जजमेंट झलकता है। उनके स्थान पर क्रिस केंपजिंस्की को कंपनी का नया सीईओ बनाया गया है।
केंपजिंस्की मैकडोनाल्ड्स यूएसए के प्रेसिडेंट पद पर तैनात थे। ब्रिटिश नागरिक ईस्टरब्रुक ने कंपनी के स्टाफ को लिखे ई-मेल में रिलेशनशिप की बात स्वीकार की है और कहा है कि उनसे गलती हुई। उन्होंने ई-मेल में आगे कहा, 'कंपनी एक वैल्यू पे चलती है। मैं बोर्ड के इस फैसले से सहमत हूं कि मुझे अब यहां नहीं रहना चाहिए।' 52 साल के ईस्टरब्रुक मैकडोनाल्ड्स के साथ 1993 में लंदन में जुड़े थे।
2011 में उन्होंने यह कंपनी छोड़ दी थी। तब वे पिज्जा एक्सप्रेस के सीईओ बने थे। 2013 में ईस्टरब्रुक ने फिर से मैकडोनाल्ड्स में वापसी की। तब से वे सफलता की कई सीढ़ी चढ़ते हुए 2015 में सीईओ के पद पर पहुंचे थे। वे कंपनी के पहले ऐसे सीईओ बने थे जो मूलतः ब्रिटेन से हैं।
ईस्टरब्रुक के कार्यकाल में मैकडोनाल्ड्स के शेयरों की कीमत दोगुनी से ज्यादा बढ़ी। कंपनी के रेस्टोरेंट और मेन्यू में सुधार करने का बड़ा श्रेय उन्हें जाता है। उन्हीं के कार्यकाल में मैकडोनाल्ड्स ने डिलीवरी और मोबाइल पेमेंट विकल्पों की शुरुआत की थी। ईस्टरब्रुक ने कंपनी के प्रेसिडेंट और बोर्ड सदस्य के पद से भी इस्तीफा दे दिया है।
मैकडोनाल्ड्स की इंटरनल पॉलिसी है कि कंपनी का कोई भी मैनेजर अपने स्टाफ के साथ रोमैंटिक रिलेशनशिप नहीं बना सकता है। कंपनी सोमवार को ईस्टरब्रुक के निकासी पैकेज की डिटेल्स जारी करेगी।
ज्यादा सैलरी के कारण भी आलोचना झेल रहे थे