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1955 में आनंद महिंद्रा के जन्म पर पड़ी थी एमएंडएम समूह की नींव, अब होंगे कंपनी से रिटायर

Sat, 21 Dec 2019 01:04 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Sat, 21 Dec 2019 01:04 PM IST
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mahindra and mahindra was incorprated in 1955 at anand mahindra birth, now he will retire

आनंद महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। उनके दादा जे.सी. महिंद्रा ने पंजाब के लुधियाना में, 1955 में कंपनी की सह-स्थापना की थी। उसी साल एक मई को आनंद महिंद्रा का जन्म हुआ था। अब 67 साल के हो चुके आनंद महिंद्रा कंपनी से रिटायर होकर के मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आएंगे।  

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11300 करोड़ की है संपत्ति

आनंद महिंद्रा के पास 11300 करोड़ रुपये की सपंत्ति है। फोर्ब्स की सूची में इनका 88वां स्थान है। कंपनी का 80 देशों में कारोबार है। 64 वर्षीय आनंद अप्रैल 2020 से नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन होंगे। एमएंडएम का ऑटोमोबाइल से लेकर के सॉफ्टवेयर कंपनियों तक का कारोबार है। 

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1997 में संभाली थी समूह की बागडोर

आनंद महिंद्रा के दादा का नाम जगदीशचंद्र माहिंद्रा व केलाशचंद्र माहिंद्रा था। पिता का नाम हरीश महिंद्रा और माता का नाम इंदिरा महिंद्रा था। इनकी पढ़ाई भारत से बाहर अमेरिका के हार्वर्ड कॉलेज (कैम्ब्रिज, मैसाचुसेट्स) के डिपार्टमेंट ऑफ विज्युल एंड एनवायरॉनमेंटल स्टडीज से हुई, फिर इन्होंने सन 1981 में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (HBS) बोस्टन, मैसाचुसेट्स से एमबीए की पढ़ाई पूरी की।

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आनंद महिंद्रा की शादी अनुराधा महिंद्रा से हुई, जो प्रसिद्ध पत्रिका ‘वर्व’ और ‘मेंस वर्ल्ड’ की संपादक तथा ‘रोलिंग स्टोन भारत’ की एडिटर-इन-चीफ हैं। 1989 में ये रियल स्टेट डेवलपमेंट और हॉस्पिटेलिटी से सम्बंधित इकाई के अध्यक्ष बने।

फिर इन्हें महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप का उप-प्रबंध निदेशक का कार्यभार सौंपा गया था। उसके बाद इन्हें पूरी जिम्मेदारी सन 1997 में मिली, जिसमें इन्हें कंपनी में प्रबंध निदेशक का पद मिला और इस कंपनी के वाईस चेयरमैन सन 2003 में बनाये गये।

इनकी कम्पनी के वाहन जैसे- महिंद्रा ट्रैक्टर, बोलेरो, एसयूवी 500, महिंद्रा स्कूटी, और महिंद्रा स्कॉर्पियो तथा वित्तीय सेवाओं, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्हलपमेंट, ट्रेड एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों आदि में भी इन्होंने अपना अच्छा नाम कमाया है।

इतना है महिंद्रा समूह का कारोबार

स्टील ट्रेडिंग कंपनी के रूप में स्थापित ग्रुप आज कृषि व्यवसाय से लेकर एयरोस्पेस तक कई क्षेत्रों में मौजूद है। यह बाजार के नेतृत्व वाले कई प्रतिष्ठित भारतीय औद्योगिक घरों में से एक माना जाता है, जिनमें उपयोगिता वाहन, ट्रैक्टर बाजार के बाद (भारत की सबसे बड़ी मल्टी-ब्रैंड की पूर्व-स्वामित्व वाली कार कंपनी), छुट्टियाँ (भारत की सबसे बड़ी छुट्टी मालिकाना कंपनी) और आईटी (शीर्ष 5 आईटी सेवा प्रदाता) कंपनी है।

सोशल मीडिया पर 73.7 लाख फॉलोअर

सोशल मीडिया पर आनंद महिंद्रा सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाले कारोबारी हैं। ट्विटर पर उनके 73.7 लाख फॉलोअर हैं। आनंद महिंद्रा का मानना है कि 'जब आप बड़े फेडरेशन का हिस्सा होते हैं तो यह पता लगाना असंभव हो जाता है कि क्या चल रहा है। ऐसे में ट्विटर ऐसा जरिया है, जिससे आप छोटे-बड़े कर्मचारी, ग्राहकों से सीधा संवाद कर सकते हैं।'

2002 में बनाया स्कॉर्पियो वाहन

सन 2002 में इन्होंने अपने कुशल बुद्धि से ‘स्कॉर्पियो’ नामक एक वाहन का निर्माण किया, जो आज के समय में पूरे विश्व में अपना नाम कर रहा है। इस वाहन को बनाते वक्त के अपने अनुभव को साझा करते हुए महिंद्रा ने लिखा दो दशक पहले की बात है। हम अपनी क्षमताओं को लेकर के आशंकित थे। इसलिए अमेरिकी कंपनी फोर्ड मोटर्स के साथ संयुक्त उपक्रम बनाया। उस समय हम स्कॉर्पियो पर काम कर रहे थे। जब हमने स्कॉर्पियो का मॉडल फोर्ड के अधिकारियों को दिखाया तो वे इम्प्रेस हुए, लेकिन फोर्ड चेयरमैन ने लागत बढ़ने का हवाला देकर प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए थे। फोर्ड मना नहीं करती तो हम अपने बलबूते यह इतिहास रचने से वंचित हो जाते।'

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