अरबपतियों ने छोड़ा पर्सनल जेट से उड़ान भरना, बिजनेस क्लास में करने लगे सफर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश भर के तमाम अरबपतियों ने अब अपने पर्सनल जेट और चार्टेड एयरक्राफ्ट से सफर करना छोड़ दिया है। अब बड़ी कंपनियों के मालिक और टॉप मैनेजमेंट के लोग एयरलाइंस के बिजनेस क्लास में सफर करने लगे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि नोटबंदी और जीएसटी के बाद से कंपनियों के मुनाफे पर काफी असर पड़ा है।
तीन साल में कम हुआ सफर
पिछले तीन सालों में पहली बार पर्सनल जेट और चार्टेड एयरक्राफ्ट का प्रयोग इसलिए कम हो गया है क्योंकि कंपनियों ने कॉस्ट कटिंग और बॉटम लाइन को सही करने के लिए यह कदम उठाया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए गए डाटा के अनुसार पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इस साल इसमें 6.3 फीसदी की कमी देखने को मिली है।
घरेलू उड़ानों में 28 फीसदी की बढ़ोतरी
डाटा के अनुसार पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इस साल घरेलू उड़ानों में 28 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं वित्त वर्ष 2016 और 2017 में बिजनेस जेट के मूवमेंट में करीब 11.7 व 5.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।
इकोनॉमी के बढ़ने से दिखेगा असर
हालांकि जानकारों का मानना है कि इकोनॉमी के रफ्तार पकड़ने के बाद बिजनेस जेट और चार्टेड फ्लाइट्स में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव से इंडस्ट्री उबर रही है आगे चलकर एक बार फिर से बड़ी कंपनियों के मालिक व टॉप मैनेजमेंट एक बार फिर से पर्सनल जेट से सफर करने लगेंगे।
हवाई अड्डों पर लैंडिंग-टेक ऑफ के लिए मारामारी
देश के बड़े और बिजी हवाई अड्डों पर भी चार्टेड व पर्सनल जेट के लिए लैंडिंग व टेक ऑफ के लिए मारामारी रहती है। इसके साथ ही इन विमानों को टैक्सी के लिए भी जगह नहीं मिल पाती है। रियल इस्टेट और बिजली कंपनियों के हाल सही नहीं होने के कारण भी इस बिजनेस पर असर पड़ेगा।