बिकेगी एक्सिस बैंक में सरकारी हिस्सेदारी
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सरकार ने एक्सिस बैंक में अपनी करीब आधी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। देश में निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक में सरकारी हिस्सेदारी बिकने से करीब 5,700 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।
आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने बताया कि सरकार शुक्रवार को एक्सिस बैंक की हिस्सेदारी बेची जाएगी। इसके लिए ब्लॉक डील का रास्ता अपनाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इस डील के बारे में गत बुधवार को मर्चेंट बैंकरों ने एसयूयूटीआई के अधिकारियों से मुलाकात की थी।
वर्ष 2003 में बने स्पेशल अंडरटेकिंग ऑफ यूटीआई (एसयूयूटीआई) के जरिए यूटीआई की 20.72 फीसदी हिस्सेदारी अभी सरकार के पास है। इसमें से सरकार ने 9 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस सौदे के तहत सरकार करीब 4.2 करोड़ शेयर बेचेगी। इसके लिए 1290-1375 रुपये प्रति शेयर का भाव तय किया गया है।
हिस्सेदारी बिकने के लिए लगेगी बोलियां
फिलहाल एक्सिस बैंक के शेयर का भाव 1,357.3 रुपये है। एसयूयूटीआई में एक्सिस बैंक की हिस्सेदारी बेचकर सरकार को 5,450-5,735 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। एसयूयूटीआई ने एक्सिस बैंक के शेयर बेचने के लिए बोलियां मंगाई हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मर्चेंट बैकरों ने सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक्सिस बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए गत जनवरी में एसयूयूटीआई ने तीन मर्चेंट बैंकरों जेपी मॉर्गन, सिटी ग्रुप ग्लोबल और जेएम फाईनेंशियल को नियुक्त किया था।
गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर करीब तीन हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। एक ही लेनदेन के जरिए 5 करोड़ रुपये से अधिक या कम से कम 5 लाख शेयरों की खरीद-फरोख्त को ब्लॉक डील कहा जाता है। इस सौदे के तहत बेचे गए शेयरों के लिए छह महीने की लॉन-इन अवधि लगाई जा सकती है।