फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   government says will not make air india go like kingfisher way, lose job

Air India का नहीं होगा किंगफिशर जैसा हाल, सरकार ने कहा- नहीं जाएगी किसी की नौकरी

Thu, 28 Dec 2017 06:07 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 Dec 2017 06:07 PM IST
विज्ञापन
government says will not make air india go like kingfisher way, lose job
air india

52 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी नेशनल कैरियर एयर इंडिया के विनिवेश करने से पहले केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इसका हाल किंगफिशर एयरलाइंस जैसा नहीं होगा। जितने भी कर्मचारी एयर इंडिया में काम कर रहे हैं, उनकी नौकरी नहीं जाएगी। सरकार 2018 तक एयर इंडिया का विनिवेश पूरा कर लेगी और कोई निजी कंपनी इसका टेकओवर कर लेगी। 

विज्ञापन


नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने लोकसभा में कहा कि कोई भी नहीं चाहता है कि उसकी नौकरी जाए। एयर इंडिया का भी हम किंगफिशर जैसा हाल नहीं करना चाहते  हैं। हम चाहते हैं कि एयर इंडिया आगे भी राष्ट्र और लोगों की सेवा करता रहे। इसी के साथ यह आकाश में नित नई ऊंचाई छूता रहे। 
विज्ञापन


मंत्रियों का समूह देख रहा है विनिवेश
राजू ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में बना मंत्रियों का समूह एयर इंडिया का विनिवेश देख रहा है। इस पैनल को सांसदों सहित कोई भी व्यक्ति अपना सुझाव दे सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


15 दिन में नीति आयोग ने तैयार किया ब्लूप्रिंट
नीति आयोग ने 15 दिन में सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया का विनिवेश करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। अभी इस कंपनी पर 52 हजार करोड़ से ज्यादा की देनदारी है, जिसके डिसइन्वेस्टमेंट को ट्रेड यूनियन और लेफ्ट पार्टियों ने 25 सालों से रोक रखा था। 

इस ब्लू प्रिंट के मुताबिक, नीति आयोग ने सरकार को सुझाया है कि वो घाटा देने वाली एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश की तरफ आगे बढ़े जिसके कि बचा हुआ पैसा स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे जरूरी क्षेत्रों में खर्च किया जा सके।

नीति आयोग ने एयर इंडिया की बिक्री के संबंध में ग्राउंड वर्क तैयार कर लिया है। आयोग की रिपोर्ट उस वक्त सामने आई है जब अरुण जेटली ने हाल ही में एयर इंडिया को निजी क्षेत्र को सौंपने की वकालत की थी। जेटली ने कहा था कि जब 86 प्रतिशत विमान परिचालन निजी कंपनियां कर सकती हैं तो 100 प्रतिशत भी इसे निजी हाथों में दिया जा सकता है।


60 हजार करोड़ की ऑपरेशनल कॉस्ट
एयर इंडिया पर इस वक्त लगभग 60 हजार करोड़ का खर्चा है, जिसमें से लगभग 21 हजार करोड़ एयरक्राफ्ट से संबंधित लोन है और 8 हजार करोड़ वर्किंग कैपिटल। विनिवेश के जरिए एयरक्राफ्ट से संबंधित लोन और वर्किंग कैपिटल लोन को नए मालिक को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed