फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Corporate ›   government May increase air fare

हवाई यात्रा करने से पहले पढ़ लें ये जरूरी खबर, सरकार से जुड़ा है मामला

Sat, 31 Oct 2015 09:39 AM IST
Updated Sat, 31 Oct 2015 09:39 AM IST
विज्ञापन
government May increase air fare

देश के महानगरों एवं कुछ बड़े शहरों से देशी-विदेशी मार्गों पर उड़ान भरना महंगा हो सकता है क्योंकि सरकार ने श्रेणी 2 और क्षेत्रीय कनेक्विटी वाले मार्गों के उड़ानों को छोड़ कर सभी दो फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा क्षेत्रीय कनेक्टिवी को बढ़ाने के लिए भी राज्य एवं केन्द्र सरकार की तरफ से कई प्रोत्साहनों की योजना बनाई गई है।

विज्ञापन


इन बातों का उल्लेख राष्ट्रीय नागरिक विमानन नीति का संशोधित मसौदे में है। नई नीति 1 अप्रैल 2016 से लागू होना प्रस्तावित है।केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री पी अशोक गजपति राजू ने शुक्रवार को यहां नई नीति का मसौदा जारी करते हुए बताया कि क्षेत्रीय मार्गों पर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सरकार ने कई प्रोत्साहनों के उपाय किये जा रहे हैं।
विज्ञापन


इनमें कई बंद पड़े छोटे हवाई अड्डों पर सेवा शुरू करना, वाइबलिटी गैप फंडिंग देना आदि शामिल है। यही नहीं, विमानन कंपनियों के विमानों के रख-रखाव और मरम्मत देश में ही किये जाने को कर प्रोत्साहन का भी प्रस्ताव किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

विमान किराया होगा महंगा

government May increase air fare

नई नीति में चाहे घरेलू मार्ग हो या अंतर्राष्ट्रीय, सभी मार्गों के हवाई टिकटों पर दो प्रतिशत का शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी किया गया ताकि क्षेत्रीय मार्गों पर विमान सेवा संपर्क बढ़ाने की योजना का वित्तपोषण किया जा सके।

हालांकि इस शुल्क से श्रेणी 2 में शामिल शहरों के टिकट को मुक्ति दी गई है। साथ ही क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाले मार्गों पर भी यह शुल्क देय नहीं होगा।

श्रेणी 2 के शहरों में अंडमान-निकोबार, लेह, पोर्ट ब्लेयर आदि शा‌मिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक दो फीसदी शुल्क से साल में करीब 1500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

मुक्त आकाश नीति की पहल

government May increase air fare

मंत्रालय ने एक उल्लेखनीय पहल करते हुए मुक्त आकाश नीति लागू होने की स्थिति में घरेलू विमानन कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश -एफडीआई- की सीमा बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक करने का प्रस्ताव किया है।

मुक्त आकाश नीति के तहत विदेशी विमानन कंपनियां भारत के लिए और यहां से बाहरी स्थानों के लिए असीमित संख्या में उड़ानों का परिचालन कर सकेंगी। इस समय विमानन सेवा क्षेत्र में विदेशी भागीदारी की सीमा 49 प्रतिशत है।

सस्ते हवाई अड्डों की होगी शुरूआत
इस नीति में क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए विभिन्न किस्म की पहलों को आगे बढ़ाया है जिनमें सस्ते हवाईअड्डों की स्थापना और विमानन कंपनियों के लिए व्यवहार्यता अंतराल वित्तपोषण प्रदान करना शामिल है। दूसरा प्रस्ताव है क्षेत्रीय संपर्क योजना के तह एक घंटे की उड़ान के लिए अधिकतम 2500 रुपए के किराए की सीमा तय करना।

एमआरओ को बढ़ावा
सरकार ने विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉलिंग -एमआरओ- को सस्ता बनाने के लिए ऐसी गतिविधियों को सेवा कर से छूट और मूल्यवर्द्धित कर  -वैट- न लगाने का प्रस्ताव किया है।


इस नियम पर फिलहाल कोई फैसला नहीं

government May increase air fare

सरकार ने हालांकि 5.20 के मानदंड पर अंतिम फैसला करने के लिए संबद्ध पक्षों से और टिप्पणी की मांग की है। अभी नियम यह है कि जिसके तहत विमानन कंपनियां विदेशी मार्गों पर तभी परिचालन कर सकती हैं जबकि उनके पास पांच साल के परिचालन का अनुभव हो और उनके पास कम से कम 20 विमानों का बेड़ा हो।

नीति में तीन विकल्प सुझाए गए हैं, इस मानदंड को पूरी तरह खत्म किया जाएए इसे बरकरार रखा जाए या विदेश में उड़ान के अधिकार को घरेलू उड़ान क्रेडिट के साथ जोड़ा जाए।नागरिक उड्डयन सचिव आर एन चौबे ने बताया कि नीति का मसौदा तीन सप्ताह के लिए संबद्ध पक्षों की टिप्पणी के लिए सार्वजनिक किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed