बढ़ते तेल, हवाई किराये से ग्लोबल टूरिज्म में इस साल रहेगी गिरावट
तेल की उच्च कीमतों तथा हवाई किराये की दरों में वृद्धि से साल 2018 में यात्रा व पर्यटन क्षेत्र के प्रदर्शन में मामूली गिरावट आ सकती है। एक दिग्गज वैश्विक उद्योग निकाय ने यह संभावना जताई है। वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल (डब्ल्यूटीटीसी) ने अपनी सालाना इकनॉमिक इंपैक्ट रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को कहा कि इस क्षेत्र ने साल 2017 में दुनियाभर में 70 लाख नए रोजगारों का सृजन किया या यूं कहें कि हर पांच नए रोजगारों में से एक इसी क्षेत्र ने दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पीछे कारण यह है कि इस क्षेत्र के विकास ने लगातार सातवें साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास को भी पछाड़ दिया। वैश्विक अर्थव्यवस्था की तीन फीसदी वृद्धि दर की तुलना में यह 4.6 फीसदी की दर से आगे बढ़ा। इस क्षेत्र ने अन्य सभी क्षेत्रों को भी पछाड़ दिया।
2017 रिकॉर्ड शानदार साल
वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल की सीईओ व प्रेसिडेंट ग्लोरिया गुवेरा ने कहा कि यात्रा व पर्यटन क्षेत्र के लिए 2017 अब तक का सबसे शानदार साल रहा। उन्होंने कहा कि घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही स्तरों पर उपभोक्ताओं के विश्वास में बढ़ोतरी, पहले आतंकवाद से प्रभावित उत्तरी अफ्रीका तथा यूरोप के बाजारों में सुधार तथा चीन एवं भारत में विदेशी पर्यटन में लगातार वृद्धि के परिणामस्वरूप हमने खर्च में वृद्धि देखी।
4 फीसदी विकास दर का आकलन
तेल की उच्च कीमतों तथा हवाई किराये की दरों में वृद्धि के साथ ही अमेरिका तथा ब्रिटेन जैसे देशों में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना के परिणामस्वरूप डब्ल्यूटीटीसी साल 2018 में यात्रा तथा पर्यटन क्षेत्र की विकास दर चार फीसदी रहने का आकलन करता है।
हालांकि दीर्घकालिक अनुमान औसत सालाना वृद्धि दर 3.8 फीसदी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। और इस अवधि में दुनियाभर में 40 करोड़ नौकरियों के सृजन का अनुमान लगाया गया है। गुवेरा ने कहा कि हमारा क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में हिस्सेदारी रखने तथा रोजगारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो रहा है और हमारी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगा कि यह विकास दर सतत तथा समग्र हो।
ओवरटूरिज्म से बचने की जरूरत
गुवेरा ने कहा कि साल 2017 में पहले ही हम कुछ अहम गंतव्यों में पर्यटन के खिलाफ लोगों के आक्रोश से मुखातिब हो चुके हैं। तथाकथित ‘ओवरटूरिज्म’ संरक्षित इमारतों को नुकसान पहुंचाते हैं, बुनियादी ढांचा के लिए तनाव बनते हैं और यात्रियों व स्थानीय निवासियों के अनुभवों को नुकसान पहुंचाते हैं।
खासकर यूरोपीय पर्यटन स्थलों जैसे बार्सिलोना तथा वेनिस में टूरिज्म-फोबिया तेजी से बढ़ा है, जहां पर्यटकों की भीड़ एक ही जगह पर एक ही समय इकट्ठी हो जाती है। डब्ल्यूटीटीसी पर्यटकों को एक ही जगह के बदले विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इस रिपोर्ट को तैयार करने में ऑक्सफोर्ड इकनॉमिक्स ने मदद की है, जिसमें 185 देशों को कवर किया गया है।