MTNL, BSNL के कर्मचारी ले सकेंगे वीआरएस, केंद्र ने बनाया 8500 करोड़ का प्लान
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दो प्रमुख खस्ताहाल टेलीकॉम पीएसयू--भारत संचार निगम लिमिटेड और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड की मदद के लिए केंद्र सरकार ने 8500 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया है। इस प्लान के लागू हो जाने के बाद इन दोनों निगमों के कर्मचारी स्वैच्छिक तौर पर सेवा से निवृत हो सकेंगे।
उम्रदराज कर्मचारियों की होगी छुट्टी
केंद्र सरकार के इस प्लान से इन दोनों निगमों में मौजूद उम्रदराज कर्मचारियों की छुट्टी होने की संभावना है। सरकार के मुताबिक दोनों निगमों में ऐसे कर्मचारियों की संख्या काफी ज्यादा है। इन कर्मचारियों को दी जाने वाली सैलरी के चलते दोनों कंपनियों पर काफी बड़ा आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
घाटे में चल रही हैं दोनों पीएसयू
दोनों कंपनियां फिलहाल घाटे में चल रही हैं। केंद्र की इस मदद से बीएसएनएल को 6365 करोड़ रुपये और एमटीएनएल को 2120 करोड़ रुपये इस मद के लिए मिलेंगे। इसके एवज में सरकार 10 साल के लिए जारी बांड को गिरवी के तौर पर रखेगी।
ले सकेंगे 4जी स्पेकट्रम
इन दोनों कंपनियों को इस मदद के मिलने के बाद 4जी स्पेकट्रम मिलने में आसानी हो जाएगी। बीएसएनएल पर फिलहाल 14 हजार करोड़ की देनदारी है और वित्त वर्ष 2017-18 में उसे 31287 करोड़ का नुकसान हुआ था। कंपनी में फिलहाल 1.76 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं। वीआरएस देने से कर्मचारियों की संख्या अगले 5 सालों में 75 हजार रह जाएगी।
एमटीएनएल में 22 हजार कर्मचारी
एमटीएनएल में फिलहाल 22 हजार कर्मचारी हैं और कंपनी की 19 हजार करोड़ रुपये की उधारी है। कंपनी अपनी 90 फीसदी आय कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च करती है। अगले 6 साल में कंपनी के करीब 16 हजार कर्मचारी रिटायर हो जाएंगे।