यह भारतीय महिला बनेगी विश्व की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी की सीएफओ
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1 सितंबर को होगी नियुक्ति
दिव्या की नियुक्ति 1 सितंबर से प्रभावी मानी जाएगी। वो चक स्टीवंस का स्थान लेगी। दिव्या महज 39 साल की उम्र में कंपनी के सबसे उच्च पदों में से एक पर नियुक्त होंगी।
चेन्नई में की थी पढ़ाई
दिव्या ने अपनी अर्थशास्त्र में स्नातक व पर-स्नातक की पढ़ाई चेन्नई में पूरी की थी। इसके बाद 22 साल की उम्र में उन्होंने हार्वड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहां से एमबीए करने के बाद निवेशक बैंक यूबीएस में पहली नौकरी करना शुरू किया। इसके बाद 25 साल की उम्र में जनरल मोटर्स का हिस्सा बन गई।
ऐसे मिली प्रसिद्धि
दिव्या को 2016 में ऑटोमोटिव न्यूज राइजिंग स्टार घोषित किया गया। इसके बाद पिछले साल 40 साल से नीचे वाली सफल बिजनेसवुमन का खिताब मिल गया था। जनरल मोटर्स की सीईओ मेरी बार्रा ने कहा कि दिव्या को वित्तीय जानकारी बहुत अच्छी है और उन्होंने कई मामलों में अच्छा नेतृत्व किया है।
सॉफ्टबैंक से कराया था 2.25 बिलियन डॉलर का निवेश
दिव्या की मदद से जनरल मोटर्स में जापान की प्रमुख वित्तीय कंपनी सॉफ्टबैंक ने 2.25 बिलियन डॉलर का निवेश किया था। इससे पहले भी दिव्या ने कई मामलों में अपनी भूमिका प्रमुख तौर पर निभाई थी।