{"_id":"5af678024f1c1bdf408b49a6","slug":"cci-to-look-into-rising-airfares-will-seek-details-from-airlines-companies-algorithm","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बढ़ते हवाई किराये पर प्रतिस्पर्धा आयोग की नजर, लगेगी कंपनियों पर लगाम","category":{"title":"Corporate","title_hn":"कॉरपोरेट","slug":"corporate"}}
बढ़ते हवाई किराये पर प्रतिस्पर्धा आयोग की नजर, लगेगी कंपनियों पर लगाम
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 12 May 2018 10:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विमानन कंपनियों के बीच संभावित कारोबारी गोलबंदी का पता लगाने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) उन कंपनियों के द्वारा टिकट की दर तय करने में उपयोग किए जाने वाले अल्गोरिदम का विश्लेषण करेगा। यह बात एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कही।
विज्ञापन
मांग बढ़ने पर महंगे हो जाते हैं टिकट
गौरतलब है कि मांग बढ़ने पर विमानन कंपनियों के टिकट मूल्य काफी बढ़ते देखे गए हैं। प्रतिस्पर्धा आयोग देश में विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में कारोबार के अनुचित तौर-तरीकों को को नियंत्रित करने का काम करता है।
विज्ञापन
2016 के जाट आंदोलन के बाद शुरू की तहकीकात
प्रतिस्पर्धा नियामक 2016 के शुरू में हुए जाट आंदोलन के बाद से ही इस मुद्दे की तहकीकात करने में जुटा हुआ है, जब चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग पर विमानन किराया काफी अधिक बढ़ गया था। आयोग के चेयरपर्सन डीके सीकरी ने एक साक्षात्कार में कहा कि नियामक यह समझने की कोशिश कर रहा है कि विमानन किराया तय करने में अल्गोरिदम किस प्रकार से काम करता है।
विज्ञापन
इस कवायद का मकसद संभावित गोलबंदी को रोकना है। वह उद्योग संघ एसोचैम द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के इतर मौके पर बोल रहे थे। सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान सीकरी ने कहा था कि खुद सीखने वाले अल्गोरिदम के जरिए डिजिटल कंपनियों के बीच हो रहा सांठ-गांठ प्रतिस्पर्धा कानून लागू करने वाले अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। जाट आंदोलन के दौरान चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग पर उड़ानों के टिकट मूल्य में हुई भारी वृद्धि का हवाला देते हुए उन्होंने आश्चर्य जताया कि ऐसा भला कैसे हो सकता है।
विमानन कंपनियों से की पूछताछ
सीकरी ने कहा कि हमने विमानन कंपनियों से पूछा। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता। अल्गोरिदम इसे ऊपर ले जा रहे हैं। अल्गोरिदम क्या है। यह खुद ही ऊपर नहीं जा सकता। किसी ने उसकी इस तरह से डिजाइन की है। इसमें लॉजिक डाला गया है। विमानन कंपनियां कहती हैं कि उनके पास ये संकेतक और वेरिएबल हैं, लेकिन वे यह नहीं बताते किए इन्हें कितना वेटेज दिया गया है। इसलिए हम कई तकनीक विशेषज्ञों से बात कर रहे हैं।
अल्गोरिदम क्या है ?
यह एक तरह से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आधारित ट्रेड है जिसमें खरीदारी के चलन के विश्लेषण के बाद सॉफ्टवेयर खुद निर्णय लेकर खरीद अथवा बिक्री करता है। मुख्य रूप से इसका प्रयोग बड़े ट्रेडर शेयरों के सौदों में करते हैं।
अल्गोरिदम क्या है ?
यह एक तरह से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आधारित ट्रेड है जिसमें खरीदारी के चलन के विश्लेषण के बाद सॉफ्टवेयर खुद निर्णय लेकर खरीद अथवा बिक्री करता है। मुख्य रूप से इसका प्रयोग बड़े ट्रेडर शेयरों के सौदों में करते हैं।