देश के लिए बहुत जरूरी है BSNL का अस्तित्व में बने रहनाः रविशंकर प्रसाद
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खराब वित्तीय हालत से जूझ रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल का अस्तित्व में रहना देश के लिए बहुत जरूरी है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार इस कंपनी को चलाने में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए प्रयास कर रही है।
इसलिए जरूरी है बीएसएनएल का बने रहना
प्रसाद ने कहा जब भी देश के किसी भी हिस्से में कोई प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, तूफान आता है, तो बीएसएनएल ही पहली कंपनी होती है जो मुफ्त में सेवाएं देती है। कंपनी की कमाई का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों का वेतन देने में काम आता है। वहीं अन्य कंपनियां इस मद में केवल पांच से 10 फीसदी खर्च करती हैं।
कंपनी अभी अपने कर्मचारियों को सितंबर माह की सैलरी भी नहीं दे पाई है। हालांकि उसने घोषणा की है, कि वो दिवाली से पहले वेतन का भुगतान कर देगी।
हालांकि वित्त मंत्रालय एमटीएनएल और बीएसएनएल को चलाने के पक्ष में नहीं है और इनको बंद करने की सिफारिश की है। वहीं दूसरी तरफ अमित शाह की अध्यक्षता में बने मंत्रियों के समूह ने दोनों कंपनियों के रिवाइवल प्लान को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्रालय ने प्रस्ताव के 80 बिंदुओं पर असहमति जताई थी।
दूरसंचार उद्योग में आ रही हैं दिक्कतें
प्रसाद ने कहा कि इस वक्त दूरसंचार सेक्टर में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं, जिनको दूर करने का प्रयास सरकार कर रही है। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि सेवा प्रदाता कंपनियों को अपने नेटवर्क का अपग्रेड करना होगा, ताकि ग्राहकों को अच्छी सेवाएं मिल सकें।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल के लाखों कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन दिवाली से पहले मिल जाएगा। दोनों कंपनियों के प्रबंधन ने इस बात की घोषणा कर दी है। एमटीएनएल ने कर्मचारियों से कहा है कि उनको बकाया वेतन 25 अक्तूबर तक मिल जाएगा।
अगस्त-सितंबर का बकाया है वेतन
बीएसएनएल के 1.58 लाख कर्मचारियों को अभी सितंबर माह की सैलरी नहीं मिली है। वहीं एमटीएनएल के 22 हजार कर्मचारियों को सितंबर के अलावा अगस्त माह की सैलरी भी नहीं मिली है। इस घोषणा के बाद एमटीएनएल के कर्मचारियों ने अपने धरना प्रदर्शन को भी स्थगित कर दिया है।
जारी किया पत्र
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार एमटीएनएल के जीएम एचआर एंड लीगल संदीप केशकर ने पत्र लिखकर कहा है कि अगस्त 2019 की सैलरी कर्मचारियों को 25 अक्तूबर 2019 से पहले मिल जाएगी। एमटीएनएल के कर्मचारियों को जुलाई का वेतन 20 अगस्त को दिया गया था।
बीएसएनएल के सीएमडी पी के पुरवार ने वादा किया है कि वो पिछले महीने का वेतन अपने मद से देगी। कंपनी को हर माह 1600 करोड़ रुपये की आमदनी होती है, जिसमें से वेतन देने का कुल खर्च 850 करोड़ रुपये है। हालांकि कंपनी की तरफ से इस बात की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिसके चलते बीएसएनएल की 10 यूनियन शुक्रवार को एक दिन की भूख हड़ताल रखने जा रही हैं।