निवेश का एक और मौका: मार्च-जून 2022 तक आईपीओ ला सकती है BoAt, 3500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना
जब कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश यानी आईपीओ कहा जाता है।
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पिछले साल प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने साल 2020 में आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। इस साल भी आईपीओ बाजार से निवेशकों को बंपर मुनाफा हुआ है। आईपीओ बाजार में हलचल अब भी जारी है। जल्द कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक ब्रांड बोट (BoAt) अपना आईपीओ ला सकती है। इसके लिए कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के साथ बातचीत कर रही है और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इस आईपीओ के जरिए 3,500 करोड़ रुपये तक की राशि जुटा सकती है।
जून 2022 तक आ सकता है आईपीओ
मार्च या जून 2022 तक कंपनी का आईपीओ पेश हो सकता है। मालूम हो कि कंपनी में क्वालकॉम वेंचर्स और फायरसाइड वेंचर्स का निवेश है और इस सार्वजनिक निर्गम के लिए बोट अपना वैल्यूएशन 1.4 अरब डॉलर यानी करीब 10 हजार करोड़ रुपये रखना चाहती है।
2016 में हुई थी स्थापना
बोट की स्थापना साल 2016 में समीर मेहता और अमन गुप्ता ने की थी। यह कंपनी भारत की ईयर वियर और वियरेबल कैटेगरी की शीर्ष सेलर इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों में से एक है। कंपनी की बाजार में ईयर वियरेबल्स श्रेणी में 45.5 फीसदी और वियरेबल वॉच कैटेगरी में 26.9 फीसदी हिस्सेदारी है। यह कंपनी हेडफोन, ईयरफोन, वायरलेस ईयरफोन, स्पीकर्स और चार्जर जैसे उत्पाद बेचती है।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।
पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।