महिंद्रा एंड महिंद्राः आनंद महिंद्रा छोड़ेंगे चेयरमैन का पद, अनीश शाह 2022 में बनेंगे एमडी-सीईओ
आनंद महिंद्रा 1 अप्रैल, 2020 से महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के कार्यकारी चेयरमैन नहीं रहेंगे। देश की अग्रणी वाहन कंपनियों में से एक एमएंडएम ने शुक्रवार को अपने आला प्रबंधन में व्यापक बदलाव का एलान करते हुए कहा कि आनंद महिंद्रा 1 अप्रैल, 2020 से कंपनी में गैर कार्यकारी चेयरमैन रहेंगे। कंपनी ने शेयर बाजार में दी गई फाइलिंग के माध्यम से यह जानकारी दी।
माना जा रहा है कि कंपनी की उत्तराधिकार योजना के तहत ये बदलाव किए गए हैं। हालांकि एमएंडएम ने एक बयान में कहा कि सेबी के नए दिशानिर्देशों के तहत यह बदलाव किया गया है। कंपनी ने कहा कि पवन कुमार गोयनका को फिर से कंपनी में प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त कर दिया गया है।
इसके साथ ही गोयनका को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, यह बदलाव 1 अप्रैल, 2020 से लागू होगा। कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित योजनाओं को लागू करने और निकट भविष्य में फोर्ड इंडिया परिचालन के साथ अपने तालमेल को भुनाने के उद्देश्य से सीईओ पद तैयार किया है।
गोयनका की जगह लेंगे शाह
एमएंडएम के मौजूदा समूह अध्यक्ष (रणनीति) अनीश शाह आगे गोयनका की जगह लेंगे, जो 1 अप्रैल, 2021 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। शाह को 1 अप्रैल, 2020 से एक साल के लिए मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) की भूमिका संभालेंगे और वह मौजूदा सीएफओ वीएस पार्थसारथी की जगह लेंगे।
ग्रुप प्रेसिडेंट (स्ट्रैटजी) अनीष शाह 1 अप्रैल 2020 से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) का पद संभालेंगे। मौजूदा सीएफओ वीएस पार्थसारथी 1 अप्रैल को पद छोड़ देंगे। वे मोबिलिटी सर्विसेज सेक्टर को हेड करेंगे। आफ्टर मार्केट, महिंद्रा लॉजिस्टिक और ऑटो मोबिलिटी सर्विसेज को मिलाकर मोबिलिटी सर्विसेज सेक्टर बनाया जा रहा है। अनीष शाह 2 अप्रैल 2021 को एमडी और सीईओ बन जाएंगे। इस पद पर उनका कार्यकाल 31 मार्च 2025 तक होगा।