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डिबेंचर के जरिए अडाणी पोर्ट्स एंड सेज ने जुटाए 900 करोड़ रुपये
Fri, 11 Sep 2020 02:32 PM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 11 Sep 2020 02:32 PM IST
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अडाणी ग्रुप
- फोटो : सोशल मीडिया
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अडाणी पोर्ट्स एंड सेज ने निजी नियोजन के आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) आवंटित कर 900 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में शुक्रवार को सूचित किया। सूचना के मुताबिक, 'कंपनी ने 10,00,000 रुपये अंकित मूल्य के 9,000 सूचीबद्ध, सुरक्षित और भुनाने योग्य एनसीडी जारी कर शुक्रवार को 900 करोड़ रुपये जुटाए। इनका आवंटन निजी नियोजन के आधार पर किया गया।'
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कंपनी ने कहा कि इन एनसीडी को बीएसई पर थोक बांड बाजार श्रेणी में सूचीबद्ध कराया जाएगा। मालूम हो कि हाल ही में अडाणी समूह ने घोषणा की थी कि वह मुंबई हवाईअड्डे में 74 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा। मुंबई एयरपोर्ट्स में कंट्रोलिंग इंटरेस्ट हासिल करने पर उद्योगपति गौतम अडाणी ने कहा कि, 'मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पूरी तरह से विश्वस्तरीय है और मैं इस तरह के उत्कृष्ट हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जीवीके समूह की सराहना करता हूं।'
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ये है समूह का लक्ष्य
अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने जीवीके एयरपोर्ट डेवलपर्स के ऋण के अधिग्रहण के लिए करार किया है। ऋण को इक्विटी में बदला जाएगा। उद्योगपति गौतम अडाणी के अडाणी समूह का लक्ष्य देश की सबसे बड़ी हवाईअड्डा परिचालक कंपनी बनना है। मुंबई हवाईअड्डा देश के दूसरा सबसे व्यस्त हवाईअड्डा है।
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अडाणी समूह मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) में एयरपोर्ट्स कंपनी ऑफ साउथ अफ्रीका (एसीएसए) तथा बिडवेस्ट की 23.5 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए भी कदम उठाएगा। इसके लिए उसे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की मंजूरी मिल चुकी है। यह सौदा पूरा होने के बाद जीवीके की 50.50 फीसदी हिस्सेदारी के साथ मुंबई हवाईअड्डे में अडाणी समूह की हिस्सेदारी 74 फीसदी हो जाएगी।